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सरकार ने बिल्डरों को दिया बड़ा झटका!
धर्मेंद्र पंडित/ अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 20 Aug 2014 02:13 PM IST
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प्रदेश सरकार ने बिल्डरों का पंजीकरण महंगा कर दिया है। रजिस्ट्रेशन शुल्क और सिक्योरिटी में दो गुना बढ़ोतरी की गई है। चेंज आफ लैंड यूज शुल्क समेत रिहायशी इलाकों में भी भवन निर्माण (डेवलपमेंट शुल्क) में राहत नहीं है।
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लोगों को 5 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर और व्यावसायिक डेवलपमेंट शुल्क 10 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर के हिसाब से राशि चुकानी होगी। पहले ये राशि कम थी। प्रदेश सरकार ने अपार्टमेंट एक्ट 2005 को निरस्त करने के बाद ये नये नियम तैयार किए हैं। शुल्क में बढ़ोतरी होने से प्रदेश में फ्लैट और प्लॉट महंगे हो सकते हैं।
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सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक रजिस्ट्रेशन कराने के लिए पहले बिल्डरों को 20,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया था। सरकार ने इसे 50,000 रुपये किया है।
ये रजिस्ट्रेशन तीन साल के लिए मान्य होगी। इसके बाद अगर बिल्डरों को प्लॉट या फ्लैट बनाने हैं तो उसके लिए फिर से रजिस्ट्रेशन फीस चुकानी होगी। इसी तरह बिल्डरों की सिक्योरिटी 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये की गई है।
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प्रदेश के लोगों ने सरकार से चेंज ऑफ लैंड यूज के शुल्क को कम करने की मांग की थी। वर्तमान में लोगों से 150 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर और आईडीपी में 300 रुपये प्रति स्क्वयेर मीटर के हिसाब से राशि ली जाती थी, इसे 150 के जगह 157 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर और 300 की जगह 314 रुपये किया गया है। नगर निगम, शहरी निकाय और आउटर एरिया के लिए अलग से डेवलपमेंट शुल्क निर्धारित किया है।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक संजीव कुमार ने बताया कि रजिस्ट्रेशन फीस में कुछ बढ़ोतरी की गई है। जनता से नए नियमों को लेकर सुझाव मांगे गए हैं। लोगों को एक महीने का समय दिया है। अगर नये नियमों में कोई परिवर्तन किया जाना है तो लोग इस बारे में टीसीपी में आवेदन कर सकते हैं।