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मेन पाइप लाइन से जोड़े पानी कनेक्शन कटेंगे, पेयजल व्यवस्था जांचने खुद फील्ड में उतरे मंत्री

Wed, 30 May 2018 09:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Wed, 30 May 2018 09:10 AM IST
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Mahendra Singh held a meeting with the departmental officials on water crisis

शिमला शहर में चल रहे जल संकट के बीच पेयजल व्यवस्था जांचने आईपीएच मंत्री खुद फील्ड में उतरे। हिमाचल में गहराए पेयजल संकट के बीच सरकार ने सप्लाई की मुख्य लाइनों से दिए घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन तुरंत काटने के आदेश दिए हैं। 

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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य (आईपीएच) मंत्री महेंद्र सिंह ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ मेराथन बैठक की। उन्होंने कहा कि शिमला, सिरमौर, मंडी, ऊना, बिलासपुर जिलों में हालत गंभीर है।
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 खासकर करसोग, लड़भडोल, शिमला, जोगिंद्रनगर, चींडी, चुराग, माहुनाग में ज्यादा दिक्कत है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कुर्सी पर बैठने की बजाय फील्ड में जाकर हालात सुधारें।

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100 बोरवेल को भी बंद करने के निर्देश

Mahendra Singh held a meeting with the departmental officials on water crisis

उन्होंने अवैध तरीके से किए गए 100 बोरवेल को भी बंद करने के निर्देश दिए। पानी की किल्लत दूर करने के लिए हैंडपंप लगाने के लिए जगह तलाशने के निर्देश दिए। मंत्री ने हाइड्रोलाजिस्ट को तलब कर प्रदेश भर में हैंडपंप की स्थिति को लेकर रिपोर्ट मांगी।

महेंद्र सिंह ने हैरानी जताई कि होटलियरों को मेन पाइपलाइन से पानी के कनेक्शन दिए गए हैं। यह कनेक्शन शिमला, धर्मशाला, कुल्लू मनाली जैसे पर्यटन स्थलों में हैं।

उन्होंने निर्देश दिए कि चाहे जितने भी प्रभावशाली नेता या लोग क्यों न हों, कनेक्शन काट दिए जाएं। केवल सप्लाई लाइन ब्रांच से कनेक्शन दिए जाएं।  इससे पहले मंत्री ने सुबह सात बजे विभागीय अधिकारियों के साथ राजधानी में पेयजल सप्लाई का निरीक्षण भी किया। 

डिप्टी मेयर को सुनाई खरी-खोटी

Mahendra Singh held a meeting with the departmental officials on water crisis

प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद 12 बजे मंत्री अपने कमरे में बैठ गए। इसी बीच नगर निगम के डिप्टी मेयर और पार्षद कमरे के भीतर आ गए। उन्होंने सबसे पहले डिप्टी मेयर से पूछा कि मेयर कहां हैं।

ऐसे में डिप्टी मेयर ने कहा - सर चीन गई हैं। मंत्री कहा - गजब की बात है, शिमला में पानी के लिए हाहाकार मचा है, मैडम साहिबा हैं नहीं। लोगों ने हमें चुनकर भेजा है, यह ध्यान होना चाहिए। 

घर-घर जाकर मंत्री बोले - पानी आ गया, भर लो

Mahendra Singh held a meeting with the departmental officials on water crisis

राजधानी के कसुम्पटी में लोग उस समय हैरत में पड़ गए, जब मंगलवार सुबह 7:00 बजे आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह घर की घंटी बजाकर उन्हें पानी भरने को कहने लगे। मंत्री अपने अफसरों के साथ कसुम्पटी पहुंचे। उन्होंने कालोनी में लोगों के घर-घर जाकर पानी की सप्लाई के बारे में पूछा।

महेंद्र सिंह का यह अभियान करीब साढ़े 10 बजे तक चलता रहा। कसुम्पटी में उन्होंने आईपीएच पेयजल भंडारण से लोक निर्माण विभाग के टैंक को जाने वाली पाइप लाइन में लीकेज देखी।

यहां पर प्रतिदिन 50 हजार से 1 लाख लीटर पानी बर्बाद होता है। उन्होंने मौके पर ही जूनियर इंजीनियर (जेई) गोपेश बहल को चार्जशीट करने के आदेश और एसडीओ को चेतावनी दे डाली। 

इसके बाद मंत्री न्यू शिमला के सेक्टर - 4 पहुंचे और डीएवी स्कूल से बीसीएस तक पैदल सभी रिहायशों में लोगों से पानी के बारे में पूछताछ की। सेक्टर चार में उन्होंने रोहाल परिवार, कांता चौहान और मोनिका से भी पानी की आपूर्ति को लेकर बात की।

निर्माण कार्यों के लिए पानी के दुरुपयोग पर कनेक्शन काटने के निर्देश

Mahendra Singh held a meeting with the departmental officials on water crisis

मंत्री ने सेक्टर -2 में पानी की टंकी ओवर फ्लो होने पर कनेक्शन काटने के निर्देश दिए। इसी सेक्टर में भवन निर्माण के लिए किए जा रहे पानी के दुरुपयोग को लेकर उन्होंने अभियंताओं से कड़ी कार्रवाई करने और कनेक्शन काटने के निर्देश दिए। 

मंत्री बुधवार और वीरवार को भी संबंधित अधिकारियों व अभियंताओं सहित शिमला शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्वयं लोगों से पानी की स्थिति का पता करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में अधिकांश नदी - नालों का पानी सूख चुका है, जिससे पेयजल की समस्या हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि योजनाओं के पानी को कूहलों में न डालें। 

निरीक्षण के दौरान ये अफसर रहे मौजूद

Mahendra Singh held a meeting with the departmental officials on water crisis

मंत्री के साथ इस दौरान सचिव आईपीएच देवेश कुमार, मुख्य अभियंता सुमन विक्रांत, अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र गिल, अधिशाषी अभियंता राजेश कश्यप, जिला प्रशासन, नगर निगम व पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। 

सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ने सायं 4 बजे पानी की स्थिति का जायजा लेने के लिए छोटा शिमला कालोनी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लोगों के घर जाकर पानी को लेकर बात की। उन्होंने अधिकारियों को घरों में बराबर पानी का वितरण किए जाने के निर्देश दिए। 

रखरखाव में खामियों से गहराया पेयजल संकट : नड्डा 

Mahendra Singh held a meeting with the departmental officials on water crisis

राजधानी शिमला और प्रदेश भर में पेयजल किल्लत का समाधान नहीं निकाल पाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने गोल-मोल जवाब दिया। उन्होंने इसे मेंटेनेंस पार्ट की खामी बताया।

हिमाचल समेत 17 राज्यों को खुले में शौचमुक्त घोषित करने की उपलब्धियां गिनाते नड्डा से पूछा गया कि शिमला में तो सार्वजनिक शौचालयों में ताले लटके हुए हैं और गांवों में बगैर पानी यही हालात हैं। इस पर नड्डा बोले कि 10-15 घटनाओं को लेकर सवाल उठाना सही नहीं है। 

मंगलवार को एक ओर राजधानी शिमला समेत पूरे हिमाचल में पानी की कमी पर हाय-तौबा थी तो दूसरी तरफ नड्डा पीटरहॉफ शिमला में पत्रकारों को संबोधित कर मोदी सरकार की चार साल की उपलब्धियां गिना रहे थे।

उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन पर भी बात की। नड्डा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दो अक्तूबर 2014 में भारत में शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन में 7.25 करोड़ से भी अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। अब ये एक जनांदोलन का रूप ले चुका है। देश के 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश तथा 3.6 लाख गांव खुले में शौचमुक्त हो चुके हैं।  

दौरा बीच में छोड़ शिमला लौटे सीएम

Mahendra Singh held a meeting with the departmental officials on water crisis

पेयजल किल्लत की वजह से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिलों के पांच दिवसीय प्रदेश प्रवास के कार्यक्रम में बदलाव किया है। मंगलवार को सुंदरनगर में तय कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद सीएम शाम साढ़े पांच बजे शिमला लौट आए।

मंडी सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम रद्द कर उन्होंने सरकारी आवास पर अधिकारियों को तलब किया। आईपीएच मंत्री की मौजूदगी में अधिकारियों से पेयजल संकट को लेकर बैठक की।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति ने शिमला में सप्लाई की स्थिति से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने राजधानी शिमला में पेयजल सप्लाई बढ़ाने के प्रयासों में और सुधार की गुंजाइश जताई है। बुधवार को राजधानी को दूसरे जोन में पेयजल सप्लाई की तैयारियों को और दुरुस्त करने के निर्देश भी सीएम ने दिए हैं। 

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