Shimla News: कुमार स्वामी बोले- समस्याओं का मूल कारण अज्ञानता, पंच तत्वों के संतुलन से ही शरीर बनता है निरोगी
महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी ने कहा कि सभी धर्मग्रंथों में विदित है कि हमारे हजारों-लाखों परदे हैं जिनमें मूल पृथ्वी, अग्नि, जल, वायु, आकाश, मन, बुद्धि और अहंकार के परदे हैं।
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वर्ल्ड ह्यूमेनिटी पार्लियामेंट के अध्यक्ष और भगवान लक्ष्मी नारायण धाम के संस्थापक महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी ने कहा है कि जो लोगों की बीमारियों को ठीक करने का दावा करते हैं, वे लोग कभी किसी को ठीक नहीं कर सकते। सभी समस्याओं और मानवता के मतभेद का मूल कारण अज्ञानता है। वह शनिवार को होटल पीटरहॉफ में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी धर्मग्रंथों में विदित है कि हमारे हजारों-लाखों परदे हैं जिनमें मूल पृथ्वी, अग्नि, जल, वायु, आकाश, मन, बुद्धि और अहंकार के परदे हैं। इनके हटने के बाद ही परमात्मा की रेहमत प्रत्यक्ष होती है।\
लाखों वायरल-फंगल हैं, यह भी परदे हैं। आयुर्वेद में वर्णित है कि पंच तत्वों (पदों) के संतुलन से ही शरीर निरोगी होता है। यह ज्ञान अत्यंत गोपनीय है। इसे मन और बुद्धि से नहीं जाना जा सकता। इस ज्ञान के बारे में कोई बोल कर नहीं बता सकता। यह ज्ञान ज्ञाता-तत्ववेत्ता बाखबर से ही मिलता है। कुरान-ए-पाक में दिया है कि यह सारा ज्ञान पहले दिया जा चुका है। यही ज्ञान वेदों, उपनिषद्, बाइबिल, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सभी में विदित है।
उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण से भी जब पूछा गया कि गीता के ज्ञान के बारे में दोबारा बताएं तब भगवान कृष्ण कहते हैं कि उस समय मैं योग युक्त था, अब मैं वह ज्ञान दोहरा नहीं सकता। महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी ने बताया कि उन्होंने अवधान महायोग के माध्यम से सभी के परदे हटाए हैं। इस अवसर पर बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के अभिनेता गजेंद्र चौहान भी महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी के साथ मौजूद रहे। उन्होंने कुमार स्वामी के मंत्रों के उनके जीवन पर पड़े प्रभाव के बारे में बताया।