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गैस सब्सिडी चाहिए तो पहले करना होगा ये काम

Mon, 24 Nov 2014 10:20 AM IST
Updated Mon, 24 Nov 2014 10:20 AM IST
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lpg customers: know how to get subsidy.

केंद्र सरकार की संशोधित डीबीटीएल योजना ने जिला शिमला के हजारों लोगों के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। योजना का लाभ उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनके नाम गैस कनेक्शन हैं। यदि गैस कनेक्शन किसी और के नाम पर है तो बैंक खाता होने के बाद भी इसका लाभ नहीं मिल सकेगा।

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जिला शिमला में कई ऐसे ग्राहक हैं जिनके गैस कनेक्शन पीढ़ियों से चल रहे हैं। परिवार में मृत्यु के बाद भी कनेक्शन का नामांतरण नहीं करवाया गया। ऐसे भी कई उपभोक्ता हैं जिन्होंने ब्लैक मार्केट से किसी ऐसे व्यक्ति के नाम कनेक्शन लिया जिनका अब वजूद ही नहीं है।
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साथ ही कनेक्शन धारक जिंदा भी हैं तो उनके नाम बैंक खाता नहीं है। ऐसे लोगों को नए सिरे से कवायद करनी पड़ सकती है।

ग्राहकों के लिए हैं ये चार फार्म

lpg customers: know how to get subsidy.

फार्म एक : आधार कार्ड वाले गैस कनेक्शन धारकों को यह फार्म भरकर बैंक में जमा करवाना होगा।
फार्म दो : आधार कार्ड वाले उपभोक्ताओं को यह फार्म भरकर गैस एजेंसी में देना होगा।
फार्म तीन : आधार कार्ड न होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को यह फार्म पूरी तरह भरकर गैस कनेक्शन की ब्लू बुक,सिलेंडर पाने की आखिरी रसीद के साथ बैंक में जमा करवाना होगा।
फार्म चार : बिना आधार कार्ड वाले उपभोक्ताओं को यह फार्म भरकर गैस एजेंसी में जमा करना होगा। इस फार्म के साथ बैंक खाता की पासबुक या बैंक स्टेटमेंट में से किसी एक की फोटो कॉपी और कैंसल चेक जमा करना होगा।

नाम में करवा लें परिवर्तन

lpg customers: know how to get subsidy.

किसी और के नाम का गैस कनेक्शन प्रयोग कर रहे ग्राहकों को सिलेंडर और रेग्यूलेटर जमा करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कनेक्शन की पुरानी सिक्योरिटी की रकम को नए कनेक्शन के लिए लगने वाली सिक्योरिटी डिपॉजिट में समायोजित कर दिया जाएगा।

दोनों शुल्कों के अंतर को जमा करना होगा। रसीद नए कनेक्शन और शुल्क की मिलेगी। परिवार के किसी ऐसे सदस्य के नाम कनेक्शन है जो जीवित नहीं है तो उसे ऐसे अभिलेखीय साक्ष्य उपलब्ध करवाने होंगे। इनसे पारिवारिक संबंध साबित हो सके।

ऐसे मामलों में पुरानी सिक्योरिटी ही मान्य होगी। दोनों मामलों में ग्राहक ऐसे व्यक्ति के नाम कनेक्शन कराएं जिनके नाम बैंकों में खाता है।

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