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कांग्रेस ही नहीं, भाजपा को भी वीरभद्र की खामोशी टूटने का इंतजार

Mon, 18 Mar 2019 04:14 PM IST
अरविन्द ठाकुर धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 18 Mar 2019 04:14 PM IST
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loksabha election 2019 virbhadra singh yet not give any statement

हिमाचल प्रदेश की सबसे हॉट सीट मंडी में जहां भाजपा में टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ है वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं। अपनी परंपरागत सीट पर वीरभद्र सिंह की खामोशी पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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न तो वह खुद या परिवार से किसी को चुनाव में उतारने की बात कर रहे हैं और न ही किसी दूसरे को टिकट देने की पैरवी। कांग्रेस की अपेक्षा भाजपा को वीरभद्र की खामोशी के टूटने का अधिक इंतजार है। दूसरी ओर राजनीतिक जानकार इसे भी वीरभद्र सिंह की एक रणनीति मान रहे हैं। 
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वीरभद्र सिंह को छोड़कर मंडी सीट पर सभी नेता सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह जिला मंडी ही है। वह सारा ताना-बाना छोड़कर मंडी में पूरी तरह से डटे हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंडी समेत सूबे की एक भी सीट खोना नहीं चाहते।
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उनके लिए लोकसभा चुनाव प्रतिष्ठा की भी बात है, इसलिए टिकट झटकने में वह किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते। वहीं पंडित सुखराम अपने पोते आश्रय के लिए दिल्ली जाकर टिकट मांग रहे हैं। उनके पोते ने चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है।

जयराम सरकार में ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा यहां तक कह चुके हैं कि वीरभद्र ने भी टिकट पर उनकी सलाह नहीं मानी थी, जिस कारण प्रतिभा सिंह को हारना पड़ा। इस बार भी आश्रय को टिकट नहीं दिया तो भाजपा की राह आसान नहीं होगी।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो वीरभद्र सिंह मंडी सीट पर इन दिनों चल रही सियासत को बारीकी से देख रहे हैं। वर्तमान में वीरभद्र हिमाचल की राजनीति के सबसे बड़े खिलाड़ी माने जाते हैं। इसलिए उनके अगले सियासी दांव पर दोनों दलों के नेताओं की निगाहें टिकी हैं। 

वीरभद्र-प्रतिभा रह चुके हैं सांसद
वीरभद्र सिंह के अलावा उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह भी मंडी से सांसद रह चुकी हैं। मंडी से कुछ पार्टी कार्यकर्ता तो उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह को चुनाव में उतारने की वकालत कर चुके हैं, लेकिन वीरभद्र सिंह इस पर भी चुप्पी साधे हुए हैं। उधर, स्क्रीनिंग कमेटी के लिए मंडी सीट से पैनल में दो दावेदारों के नाम चुनना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। 

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