शिमला दुष्कर्म मामले में चुनाव में गर्माया सुरक्षा का मुद्दा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी की सड़कों पर सरेआम युवती से दुष्कर्म और पुलिस की हीलाहवाली की घटना के सामने आने के बाद भाजपा और कांग्रेस एक बार फिर आमने-सामने आ गई हैं। विधानसभा चुनावों की ही तरह लोकसभा चुनावों में दोनों ही दल एक बार फिर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर एक दूसरे को घेरने में जुट गए हैं। कांग्रेस जहां भाजपा की जयराम सरकार पर महिला सुरक्षा के मामले में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगा रही है।
वहीं, भाजपा ने भी गुड़िया हत्याकांड में बेगुनाहों को फंसाने का आरोप लगाते हुए ऐसे मामलों में बेहद संजीदगी से कार्रवाई करने का दावा किया है। खास बात यह है कि चुनाव प्रचार अभी तक लगभग प्रदेश व केंद्र सरकार की सफलताओं और विफलताओं पर केंद्रित था। लेकिन शिमला दुष्कर्म मामले के सामने आने के बाद चुनाव का पूरा फोकस अब इस पर हो गया है।
बीते विधानसभा चुनाव के समय हुए गुड़िया दुष्कर्म एवं हत्याकांड के मामले को भाजपा ने उठाते हुए पूरे चुनाव भर कांग्रेस की वीरभद्र सरकार को घेरने का प्रयास किया था। महिला सुरक्षा एक अहम मुद्दा था जिसके बूते भाजपा को चुनाव में महिला मतदाताओं का भारी समर्थन मिला। लेकिन डेढ़ साल बाद हो रहे लोकसभा चुनाव में एक बार फिर वैसे ही हालात बन गए हैं। हालांकि इस बार कांग्रेस विपक्ष में है और भाजपा की जयराम सरकार की कार्यशैली सवालों के घेरे में हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सिर्फ आरोप लगाकर सियासी फायदा उठाने की कोशिश तो करती रही लेकिन डेढ़ साल बाद भी प्रदेश में महिलाएं असुरक्षित हैं। मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने जहां राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर सरकार को बर्खास्त करने की मांग शुरू कर दी है। वहीं, कांग्रेस के सियासी हमले के काउंटर के तौर पर भाजपा के महिला मंडल ने डीसी को ज्ञापन देकर कुकृत्य करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठा दी है।
कांग्रेस-भाजपा का वार-पलटवार
कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा ने कहा कि जो पार्टी पिछले चुनाव में महिला सुरक्षा का दावा कर रही थी, उसी पार्टी की सरकार में न तो महिला सुरक्षित है और न ही उसकी पुलिस प्रशासन में सुनवाई हो रही है। राजधानी की सड़कों पर सरेआम दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया जा रहा है और पुलिस का पता ही नहीं है।
कहा कि पिछले डेढ़ साल में दुराचार व महिलाओं से छेड़छाड़ जैसे मामलों की बाढ़ आ गई है और प्रदेश में महिलाएं पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उधर, भाजपा नेताओं ने भी सरकार का बचाव करते हुए पिछली सरकार की कारगुजारियां गिनाना शुरू कर दिया है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश दत्त ने कहा कि ऐसे मामलों का राजनीतिक लाभ लेना कांग्रेस का काम है।
भाजपा सरकार ऐसे मुद्दों पर बेहद संजीदा और मुख्यमंत्री खुद इस मामले में निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने लगातार महिला सुरक्षा के लिए गुड़िया हेल्पलाइन से लेकर शक्ति एप और त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए 112 सेवा शुरू की है। लेकिन पिछली सरकार ने तो दाषियों को बचाने व निर्दोषों को फंसाने का काम किया। जबकि हमारी सरकार संलिप्त एक भी आरोपी को नहीं बख्शेगी।