रूठे पदाधिकारियों ने बढ़ाई प्रत्याशियों की धुकधुकी
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भाजपा और कांग्रेस में रूठे नेता और पदाधिकारी प्रत्याशियों की धुकधुकी बढ़ा रहे हैं। दोनों दलों में एक दर्जन से अधिक पदाधिकारी पार्टी में उचित मान-सम्मान न मिलने के चलते नाराज हैं। इन रूठे पदाधिकारियों को मनाने की कवायद भी शुरू है, लेकिन सभी अपनी शर्तों पर अड़े हैं।
कांग्रेस में बड़सर से पूर्व विधायक मंजीत सिंह डोगरा, भोरंज से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी प्रोमिला देवी समेत आधा दर्जन से अधिक पदाधिकारी कांग्रेस से बाहर हैं। इसी तरह भाजपा में भी पूर्व विधायक डॉ. अनिल धीमान पार्टी में उचित मान-सम्मान न मिलने के चलते रुष्ट हैं।
भाजपा ने इस बार उनका टिकट काटकर कमलेश कुमारी को भोरंज विस क्षेत्र से उतारा था। इसके चलते भोरंज में होने वाले भाजपा के कई बड़े कार्यक्रमों में डॉ. अनिल धीमान नदारद रहे।
इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के करीबी रहे नादौन से जिला परिषद सदस्य लेखराज शर्मा भी अपने कारोबार इत्यादि बंद होने से दुखी हैं। विस चुनाव में निर्दलीय उतरने से यहां से भाजपा प्रत्याशी विजय अग्निहोत्री को हार का सामना करना पड़ा था।
हमीरपुर भाजपा युवा मोर्चा में भी दो पदाधिकारी पूर्व में इस्तीफा दे चुके हैं। यहां तक भाजपा के संसदीय प्रवक्ता दीपक शर्मा भी भाजपा को छोड़ कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।
जबकि भोरंज विस से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी रहे डॉ. रमेश डोगरा और बड़सर से सीता राम भारद्वाज वर्तमान में भाजपा की नाव पर सवार हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि संगठन से बाहर चल रहे पदाधिकारियों पर आने वाले समय पर विचार किया जाएगा।
चंदेल ने भी नहीं खोले पत्ते
वहीं भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने कहा कि भाजपा पूरी तरह संगठित है और लोकसभा चुनावों में पार्टी प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने को मैदान में डटी हुई है।
लोकसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक बनाने वाले पूर्व भाजपा सांसद सुरेश चंदेल भी पार्टी में मान-सम्मान न मिलने से नाराज हैं। लोकसभा टिकट को लेकर उनकी कांग्रेस हाईकमान से लंबी बात चली हुई थी, लेकिन बात नहीं बन पाई।
बीते दिन वह समीरपुर में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से मुलाकात कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी चंदेल से मुलाकात की है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि अभी तक उन्होंने स्थिति साफ नहीं की है कि वह पार्टी के लिए काम करेंगे या नहीं।