फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Loan given on fake documents, three including former bank manager jailed

Himachal News: फर्जी दस्तावेजों पर दिया लोन, पूर्व बैंक मैनेजर सहित तीन को जेल

Tue, 12 Aug 2025 10:09 AM IST
Krishan Singh दीपक मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
दीपक मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 12 Aug 2025 10:09 AM IST
सार

विशेष न्यायाधीश डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा ने पूर्व शाखा प्रबंधक अमर सिंह बोध को तीन साल कैद और 45 हजार रुपये जुर्माना, जबकि उसके सहयोगी ताशी फुंचोग और दौलत राम को तीन-तीन साल कैद व कुल 1.10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

विज्ञापन
Loan given on fake documents, three including former bank manager jailed
अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीबीआई की विशेष अदालत ने कुल्लू के ढालपुर की पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में 41 फसल ऋण (केसीसी) फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्वीकृत करने के मामले में तीन दोषियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा ने पूर्व शाखा प्रबंधक अमर सिंह बोध को तीन साल कैद और 45 हजार रुपये जुर्माना, जबकि उसके सहयोगी ताशी फुंचोग और दौलत राम को तीन-तीन साल कैद व कुल 1.10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न चुकाने पर आरोपियों को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला 11 अप्रैल 2015 को सीबीआई एसीबी शिमला शाखा ने दर्ज किया था।

विज्ञापन

यह है पूरा मामला
शिकायत पीएनबी मंडी सर्कल प्रमुख राजीव खन्ना ने की थी। आरोप था कि 2010 से 2012 के बीच तत्कालीन बैंक मैनेजर अमर सिंह बोध ने ताशी फुंचोग और दौलत राम के साथ मिलकर फर्जी राजस्व दस्तावेज और गैर-भार प्रमाण पत्र (एनईसी) के आधार पर 41 केसीसी लोन मंजूर और वितरित किए, जिनकी कुल राशि 1.83 करोड़ रुपये थी। जांच में सामने आया कि दौलत राम के आवेदनों में उसकी तस्वीर लगाई गई थी, लेकिन ऋण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किसी और के थे। जमाबंदी सहित उस पर जाली चार्ज (प्रभार) सृजन रिपोर्ट और अनुसूची घोषणा पत्र भी फर्जी थे। आरोपियों ने तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक बिशन सिंह को भी ऋण स्वीकृत करने के लिए गुमराह किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोषियों के खिलाफ अन्य 38 चार्जशीट पर फैसला आना बाकी है। इससे पहले भी दो मामलों में एएस बोध, ताशी फुंचोग, लेख राज, धर्मचंद और बबली शर्मा को सजा हो चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे सामने आया मामला
साल 2010 में दौलत राम ने 4.5 लाख रुपये के केसीसी ऋण के लिए आवेदन किया था। उसने कथित रूप से 2003-05 की पटवारी की ओर से जारी जमाबंदी, केवाईसी दस्तावेज और राशन कार्ड की प्रति का हलफनामा दिया। इसके बाद उसके खाते में राशि ट्रांसफर कर दी गई। बैंक ऑडिट में घोटाला उजागर हुआ। जांच में पता चला कि अमर सिंह बोध ने भूमि पर प्रभार सृजन के लिए तहसीलदार कुल्लू को पत्र भेजा और सूचीबद्ध अधिवक्ता के माध्यम से एनईसी जारी करवाई। पटवारी की रिपोर्ट में भूमि स्वामित्व गलत दर्शाया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed