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शिमला में जलसंकट बरकरार, दूसरे दिन भी नहीं मिला पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 23 Jul 2015 11:39 AM IST
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दो दिन से लगातार आधे शहर में पेयजल संकट बरकरार है। वीरवार को भी आधे शहर में पेयजल आपूर्ति बाधित रह सकती है। गिरि परियोजना की राईजिंग मेन की रिपेयर का काम अभी पूरा नहीं हो पाया था कि मंगलवार रात को अश्वनी परियोजना की राईजिंग मेन भी फट गई।
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लगातार तीसरे दिन भी सेंट्रल जोन, संजोली, चौड़ा मैदान, छोटा शिमला, पंथाघाटी, विकासनगर, बीसीएस, न्यू शिमला, खलीणी, कनलोग, हिमलैंड, बैमलोई और लिफ्ट के इलाकों में पेयजल आपूर्ति बाधित रही।
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सोमवार से लगातार शिमला शहर में पेयजल संकट गहराया हुआ है। एक के बाद एक पाइप ब्लास्ट हो रहे हैं। पहले सोमवार को गिरि परियोजना की राईजिंग मेन में ब्लास्ट हो गई और अब अश्वनी परियोजना की राईजिंग मेंन में ब्यूलिया के पास ब्लास्ट हो गई।
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राईजिंग मेन में ब्लास्ट होने से दोनों परियोेजनाओं की पंपिंग बंद कर दी है। आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता विनोद ठाकुर ने बताया कि गिरि और अश्वनी दोनों परियोजना के राईजिंग मेन का रिपेयर कार्य चला हुआ है। जल्द ही राईजिंग मेन की पाइप को बदल कर पेयजल आपूर्ति को सुचारु रूप से बहाल कर दिया जाएगा।
25 साल पुराना पेयजल सिस्टम जलसंकट का कारण- शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली 25 साल पुरानी जंक लगी पाइपें पानी का प्रेशर नहीं सह पा रहीं। अश्वनी खड्ड परियोजना की राइजिंग मेन (शहर तक पानी पहुंचाने वाली पाइपें) में हर महीने औसतन चार बार लीकेज हो रही है। लीकेज से परियोजना में पंपिंग नहीं हो रही जिस कारण आधे शहर में जलसंकट गहरा गया है।
अश्वनी खड्ड परियोजना से पानी शिमला पहुंचाने के लिए 25 साल पहले राइजिंग मेन बिछाई थी। जंक लगने से अब पाइपों की मोटाई अब बेहद कम हो गई है। पानी के प्रेशर से अब लाइन बार-बार ब्लास्ट हो रही है। क्रैक आने के कारण पानी लीक हो रहा है। अश्वनी खड्ड में की जा रही क्लोरीनेशन भी पाइपें कमजोर होने का कारण बताया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त बरसात में भारी बारिश से जमीन बैठने से भी पाइप लाइन में लीकेज हो रही है। अश्वनी खड्ड से शिमला तक राइजिंग मेन ब्यूलिया सड़क के किनारे और रिहायशी इलाके से होकर गुजर रही है। ब्यूलिया सड़क पर ट्रैफिक बढ़ने से हो रही कंपन से भी लाइन को नुकसान पहुंच रहा है। रिहायशी इलाकों में तो मकानों के डंगे में पाइपें दबा दी हैं।
राइजिंग मेन की 200 मीटर पाइपें बदलेंगी- अश्वनी खड्ड राइजिंग मेन की 200 मीटर पाइपें बदलने का काम शुरू हो गया है। ऐसे क्षेत्रों में जहां लीकेज की समस्या बार-बार पेश आ रही है। पाइपें बदलने का काम शुरू कर दिया है। इस पर करीब 30 लाख रुपये खर्चा आना है। सेब सीजन के कारण इन दिनों काम बंद है लेकिन दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। लीकेज की समस्या के समाधान के लिए 27 लाख की लागत से नई पाइपें खरीदी हैं।
डीपीआर में पूरी लाइन बदलने का प्रपोजल- अश्वनी खड्ड परियोजना की पूरी राइजिंग मेन बदलना भी प्रस्तावित है। कौल डैम से शिमला तक पानी पहुंचाने की योजना के लिए बनाई डीपीआर में अश्वनी खड्ड की राइजिंग मेन बदलने का भी प्रपोजल है।