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पहले नेता ही तय करें चुनाव में न बंटे शराब : डॉ. तंवर
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नशे पर तभी कसी जा सकेगी नकेल
बोले, चुनावों के दौरान खूब बंटती है शराब
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। नशे के खिलाफ यदि निर्णायक लड़ाई लड़नी है और इसे जड़ से खत्म करना है तो इसके लिए राजनीतिक संकल्प और ईच्छा शक्ति की जरूरत है।
सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता एवं किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने कहा देश के मुख्य राजनीतिक दलों को तय करना चाहिए कि चुनाव के दौरान शराब या किसी भी तरह के नशे का इस्तेमाल मतदाताओं को लुभाने के लिए नहीं किया जाएगा। इस बारे में जब तक कठोर और प्रभावी कानून नहीं बनाए जाते तब तक नशे के खिलाफ बनाई जाने वाली योजनाएं कारगर नहीं होंगी। लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनाव में शराब वितरण का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। इस पर अंकुश लगाने की जरूरत है लेकिन कोई भी सियासी दल इसके पक्ष में नहीं है। शहीदी दिवस पर सभी राजनीतिक दलों को सार्वजनिक संकल्प लेने और जनता से वादा करने की जरूरत है। संवाद
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बोले, चुनावों के दौरान खूब बंटती है शराब
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। नशे के खिलाफ यदि निर्णायक लड़ाई लड़नी है और इसे जड़ से खत्म करना है तो इसके लिए राजनीतिक संकल्प और ईच्छा शक्ति की जरूरत है।
सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता एवं किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने कहा देश के मुख्य राजनीतिक दलों को तय करना चाहिए कि चुनाव के दौरान शराब या किसी भी तरह के नशे का इस्तेमाल मतदाताओं को लुभाने के लिए नहीं किया जाएगा। इस बारे में जब तक कठोर और प्रभावी कानून नहीं बनाए जाते तब तक नशे के खिलाफ बनाई जाने वाली योजनाएं कारगर नहीं होंगी। लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनाव में शराब वितरण का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। इस पर अंकुश लगाने की जरूरत है लेकिन कोई भी सियासी दल इसके पक्ष में नहीं है। शहीदी दिवस पर सभी राजनीतिक दलों को सार्वजनिक संकल्प लेने और जनता से वादा करने की जरूरत है। संवाद