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रामपुर बुशहर को जिला बनाने की मांग पूरा नहीं कर पाए वीरभद्र सिंह
Sun, 11 Jul 2021 11:53 AM IST
Krishan Singh
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 11 Jul 2021 11:53 AM IST
सार
शिमला जिले के रामपुर और आसपास के दुर्गम क्षेत्रों के साथ जिला कुल्लू के आउटर सिराज क्षेत्र को मिलाकर नया जिला बनाने की पैरवी स्थानीय लोग और व्यापारी करते रहे हैं। करसोग क्षेत्र को भी नए जिले में मिलाने की बात मुखर होती रही है।
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पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह रामपुर बुशहर के लोगों की एक मांग पूरी नहीं कर पाए। यह रामपुर को नया जिला बनाने की थी। प्रदेश में कांग्रेस के सत्ता में आने पर हर बार रामपुर को जिला बनाने का मामला गरमाता रहा, लेकिन यह आज तक सिरे नहीं चढ़ पाया। रामपुर को नया जिला बनाने की मांग उठती तो कांगड़ा और मंडी जिलों को तोड़कर नए जिले बनाने का मामला भी उठने लगता।
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शिमला जिले के रामपुर और आसपास के दुर्गम क्षेत्रों के साथ जिला कुल्लू के आउटर सिराज क्षेत्र को मिलाकर नया जिला बनाने की पैरवी स्थानीय लोग और व्यापारी करते रहे हैं। करसोग क्षेत्र को भी नए जिले में मिलाने की बात मुखर होती रही है। लोगों की दलील थी कि राजधानी शिमला और कुल्लू का जिला मुख्यालय इन क्षेत्रों से काफी दूर है। रामपुर और आउटर सिराज को मिलाकर नया जिला बनाने की मांग इसलिए भी होती रही, क्योंकि कई दुर्गम क्षेत्रों से जिला मुख्यालयों में आम आदमी की पहुंच काफी कठिन रहती है।
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रामपुर और आउर सिराज सतलुज नदी के आर-पार का क्षेत्र है। यहां के लोग रामपुर बाजार पर आश्रित रहते हैं। कई दशकों बाद छोटे वाहनों के लिए चाटी पुल का ही निर्माण हो पाया है। आउटर सिराज रामपुर क्षेत्र नगर परिषद के अधीन है और ब्रौ-जगातखाना आज भी पंचायत क्षेत्र में है। पूर्व कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय लबी मेले के समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि रामपुर को नए जिले की घोषणा कर दी जाएगी। पूरा भाषण खत्म होने के बाद जब ज्यूरी कॉलेज की घोषणा कर भाषण में विराम लगाया तो लोगों काफी मायूस हुए थे।
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