फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   large scale losses to industries due to truck operator strike in himachal

ट्रकों की हड़ताल खत्म, 8 दिन में डूबे बीबीएन उद्योगों के 3000 करोड़

Sat, 28 Jul 2018 11:07 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/बरोटीवाला (सोलन)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/बरोटीवाला (सोलन) Updated Sat, 28 Jul 2018 11:07 AM IST
विज्ञापन
large scale losses to industries due to truck operator strike in himachal

पिछले आठ दिनों से जारी ट्रक ऑपरेटरों की देश व्यापी हड़ताल शुक्रवार शाम को खत्म हो गई है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक के बाद ट्रकों यूनियनों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया है।

विज्ञापन


ऑल हिमाचल ट्रक फेडरेशन के अध्यक्ष नरेश कुमार ने बताया कि शनिवार से हिमाचल के करीब 80 हजार ट्रक सड़कों पर दौड़ना शुरू हो जाएंगे। सेब, सब्जी और उद्योगों की डिमांड के अनुसार ट्रक दिए जाएंगे। 
विज्ञापन


उधर, उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने भी ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म होने की पुष्टि की है। पिछले आठ दिनों से जारी ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल से हिमाचल के उद्यमियों, दवा-सीमेंट कंपनियों और किसानों-बागवानों को अरबों की चपत लग चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अकेले बीबीएन के उद्योगों को 3000 करोड़ का नुकसान हो चुका है।कच्चा माल न मिलने से सोलन के 90 फीसदी उद्योग बंद पडे़ हैं। बिना काम करवाए कामगारों को वेतन देना पड़ रहा है। तैयार माल बारिश में भीगकर खराब हो रहा है।
 

रोजाना 3750 गाड़ियां करती हैं माल ढुलाई

large scale losses to industries due to truck operator strike in himachal

हिमाचल सरकार के उद्यान विभाग ने शुक्रवार को सेब बागवानों को सलाह दी कि हड़ताल के चलते वे फसल के तुड़ान में जल्दबाजी न करें। हालात सामान्य होने की प्रतीक्षा करें। बता दें कि सेब, नाशपाती ही नहीं अन्य सब्जियां भी अब खराब होने के कगार पर हैं। 

बद्दी में शुक्रवार को विभिन्न उद्योग संगठनों बीबीएनआईए, लघु उद्योग भारती, दवा निर्माता उद्योग संघ, हिप्र गत्ता उद्योग संघ, ग्राम शिल्प उद्यमी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता में कहा कि आठ दिन से हिमाचल में उद्योग ठप पड़े हैं।

बीबीएन में अब तक 3000 करोड़ का नुकसान हो चुका है। यदि हड़ताल न खुली तो उद्योग-धंधे सिमट जाएंगे। विशेषकर लघु उद्योग बैंकों के ब्याज और वेतन के खर्चों से उठ नहीं पाएंगे।

बीबीएनआईए एमएसएमई कमेटी के चेयरमैन मुकेश जैन ने कहा कि कामगारों को पूरा वेतन देना पड़ रहा है, जबकि उद्योग में कोई भी काम नहीं हो रहा है। 

रोजाना जाती हैं 40 हजार सेब पेटियां, रुकी रफ्तार : हरीश

large scale losses to industries due to truck operator strike in himachal

हिमाचल गत्ता उद्योग संघ के प्रदेश सचिव बलदेव गोयल, अजय चौधरी व रजत साहू ने कहा कि सीजन के लिए लाखों सेब पेटियां बना रखी हैं। ये पेटियां शिमला नहीं पहुंच पा रही हैं।

लघु उद्योग भारती के प्रांत वरिष्ठ उपाध्यक्ष नेत्रप्रकाश कौशिक ने कहा कि हड़ताल से सूक्ष्म एवं छोटे उद्योग  टूट गए हैं। हजारों टन तैयार माल बरसात में सड़ रहा है।

प्रदेश फल, सब्जी एवं फूल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान के अनुसार नाशपाती की फसल खराब होने की आशंका है। बागवानों ने सेब तुड़ान रोक दिया है। तुड़ान ज्यादा दिन नहीं रोक सकते।
 

सुक्खू ने सरकार को लिखा पत्र

large scale losses to industries due to truck operator strike in himachal

मंडियों में सेब बेचने में परेशानी हो रही है। प्रदेश से चालीस हजार सेब पेटियां रोजाना देश की मंडियों में भेजी जाती रही हैं। ट्रकों की हड़ताल ने सेब ढुलाई की रफ्तार रोक दी है। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सरकार को पत्र भेजकर ट्रकों की हड़ताल रोकने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सरकार सेब फसल को तबाह होने से बचाए।

पूर्व विधायक रोहित ठाकुर और जुब्बल कोटखाई ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोती लाल डेरटा ने कहा कि बागवानों को फसल मंडियों तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed