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अब फीचर घटाकर सस्ते लैपटॉप खरीदने की तैयारी
Wed, 03 Jul 2019 01:02 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 03 Jul 2019 01:02 PM IST
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले 9700 मेधावियों को अब निम्न स्तर के लैपटॉप दिए जाने की तैयारी चल रही है। लैपटॉप के फीचर घटा दिए जाएंगे। ताकि, कम से कम बजट में मेधावियों को निपटा दिया जाए।
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उच्च शिक्षा निदेशालय ने पूर्व निर्धारित 18 करोड़ के बजट को बढ़ाने की जगह जुगत भिड़ाते हुए नए फीचरों की जगह पुराने फीचर लैपटॉप में डालने के लिए राज्य इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन को पत्र लिखा है। उधर, कॉरपोरेशन ने ओपन टेंडर से 23 करोड़ में 9700 लैपटॉप देने वाली दो कंपनियों का चयन किया है।
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पांच करोड़ रुपये का बजट बढ़ने से निदेशालय के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। ऐसे में निदेशालय ने पत्र लिखकर नया रास्ता तलाशने की तैयारी की है। शिक्षा निदेशालय के पत्र पर कारपोरेशन ने मंथन शुरू कर दिया है। आईटी विशेषज्ञों और चयनित कंपनियों से अब इस बाबत बातचीत की जाएगी। एक सप्ताह के भीतर इस मामले पर स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
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उच्च शिक्षा निदेशालय ने इलेक्ट्रॉनिक कारपोरेशन को पत्र लिखकर एमएस आफिस की जगह ओपन आफिस लैपटॉप में डालने को कहा है। एमएस आफिस की लाइसेंस फीस अधिक है। जबकि ओपन आफिस निशुल्क है। इसके अलावा विंडो में भी बदलाव करने को कहा है।
सूत्रों के अनुसार निदेशालय ने लैपटॉप की रैम, प्रोसेसर और कुछ पोर्ट भी कम करने को कहा है ताकि 18 करोड़ के बजट में 9700 लैपटॉप का इंतजाम हो जाए। राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की साल 2018-19 में हुई परीक्षाओं में दसवीं और जमा दो कक्षा के 8800 और कॉलेजों के 900 मेधावियों को लैपटॉप दिए जाने हैं। साल 2018 में मेधावी विद्यार्थियों को सरकार लैपटॉप नहीं दे सकी थी। इस साल शुरू हुई प्रक्रिया भी अभी तक सिरे नहीं चढ़ सकी है।