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हिमाचल: भू-धंसाव संभावित स्थानों की होगी पहचान, सीएम सुक्खू ने अधिकारियों को दिए निर्देश

Mon, 16 Jan 2023 05:46 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 16 Jan 2023 05:46 PM IST
सार

सोमवार को राज्य सचिवालय में आपदा प्रबंधन की उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव पर संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्तों को निर्देश जारी किए।

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sinking, sliding potential  places will be identified, CM Sukhu gave instructions to officials
सीएम ने आपदा प्रबंधन की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भू-धंसाव संभावित स्थानों की पहचान की जाएगी। सोमवार को राज्य सचिवालय में आपदा प्रबंधन की उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव पर संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्तों को निर्देश जारी किए। बैठक में प्रदेश में जोशीमठ जैसे संभावित स्थानों की पहचान करने पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के जोशीमठ जैसे हालात हिमाचल में होने के आसार नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा के दृष्टिगत आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने और पूर्व चेतावनी प्रसार प्रणाली विकसित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए कहा। किन्नौर, कुल्लू, चंबा और कांगड़ा के उपायुक्तों को भू-धंसाव के संभावित क्षेत्रों की पहचान करने और रिपोर्ट सरकार को भेजने के निर्देश दिए। भूस्खलन, भू-धंसाव और सड़क हादसों के ब्लैक स्पॉट्स की अलग-अलग रिपोर्ट भेजने को कहा।

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आपदा से निपटने के लिए संस्थागत से व्यक्तिगत स्तर तक तैयारियां मजबूत करने, शमन और निवारक उपायों पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रदेश में भूस्खलन प्रभावित स्थलों व सिंकिंग जोन का विवरण लिया। ग्लेशियर मैपिंग के लिए आधुनिक उपकरणों से उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कहा कि जिन क्षेत्रों में भूकंप अधिक आते हैं, उनका अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट बनाई जाए। प्रदेश के जिन क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं अधिक होती हैं, वहां इसके उपचार के लिए प्राथमिक स्तर पर व्यवस्था की जाए। ऐसे क्षेत्रों के स्वास्थ्य संस्थानों में विषरोधक इंजेक्शन उपलब्ध करवाए जाएं। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल, विधायक सुरेश कुमार, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, विशेष सचिव आपदा प्रबंधन सुदेश कुमार मोक्टा मौजूद रहे। सोलन, कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, सिरमौर, कुल्लू, किन्नौर व चंबा के उपायुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए।
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आपदा राहत नियमावली में संशोधन के निर्देश
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश आपदा राहत नियमावली में संशोधन के भी अधिकारियाें को निर्देश दिए। प्रदेश में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल तथा राज्य आपदा मोचन बल की स्थापना के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई भूमि की वन स्वीकृतियां प्राथमिकता के आधार पर प्रस्तुत करने को कहा। राज्य आपदा मोचन निधि से राज्य बिजली बोर्ड को दी जाने वाली राशि में वृद्धि के निर्देश दिए।

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