#LadengeCoronaSe: एक साल से बिना छुट्टी लिए लोगों की सेवा में जुटे दिव्यांग राजेश सहोत्रा
पिछले कुछ दिनों से उनके स्वास्थ्य केंद्र के अधीन पड़ते गांवों में कोरोना के काफी केस आए और कई स्थानों को कंटेनमेंट जोन भी घोषित किया गया है। राजेश सहोत्रा अपनी टीम के साथ लगातार लोगों की सेवा में लगे रहे और लोगों को घर-द्वार दवाइयां पहुंचाते रहे।
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दिव्यांग होने के बावजूद कोरोना काल में राजेश सहोत्रा मिसाल पेश कर रहे हैं। राजेश सहोत्रा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रिन्ना (नागनी) में बतौर स्वास्थ्य कर्मचारी के पद पर कार्यरत हैं। एक तरफ सरकार ने दिव्यांग कर्मचारियों को कोरोना कर्फ्यू के दौरान कार्य पर नहीं जाने की छूट दे रखी है। बावजूद राजेश सहोत्रा संकट की इस घड़ी में कोरोना संक्रमित लोगों के बीच ड्यूटी दे रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से उनके स्वास्थ्य केंद्र के अधीन पड़ते गांवों में कोरोना के काफी केस आए और कई स्थानों को कंटेनमेंट जोन भी घोषित किया गया है।
राजेश सहोत्रा अपनी टीम के साथ लगातार लोगों की सेवा में लगे रहे और लोगों को घर-द्वार दवाइयां पहुंचाते रहे। राजेश सहोत्रा वर्तमान में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के नूरपुर के प्रधान भी हैं। संकट के इस दौर में वह स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ-साथ लोगों को मनोबल भी बढ़ा रहे हैं। राजेश सहोत्रा कर्मचारी के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। चाहे रक्तदान हो या कोई भी दूसरा सामाजिक कार्य हो, वह हमेशा अग्रिम पंक्ति में नजर आते हैं। राजेश सहोत्रा ने बताया कि पिछले साल से जब से कोरोना का प्रकोप आया है, उन्होंने कभी छुट्टी नहीं ली। उन्हें जो भी कार्य सौंपा और जहां भी ड्यूटी लगाई। वे पीछे नहीं हटे।