Bilaspur: स्लेटपोश मकान को गिराने के काम में लगे मजदूर की गिरकर हुई मौत
मजदूर छुट्टी करके घर वापस जाने के लिए सीढि़यां उतर रहा था, कि इसी बीच सिढ़ी और मकान का छज्जा टूट गया और मजदूर मलबे के साथ नीचे जा गिरा।
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पुराने स्लेटपोश मकान को गिराने के काम में लगे एक मजदूर की गिरकर मौत हो गई। मजदूर छुट्टी करके घर वापस जाने के लिए सीढि़यां उतर रहा था, कि इसी बीच सिढ़ी और मकान का छज्जा टूट गया और मजदूर मलबे के साथ नीचे जा गिरा। साथी मजदूरों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। यह हादसा घुमारवीं थाना के तहत अमरपुर गांव में शुक्रवार शाम को हुआ। पुलिस ने शनिवार को पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। जानकारी के अनुसार देशराज (35) निवासी गांव दखेतर सुकड़ी डाकघर अमरपुर तहसील घुमारवीं जिला बिलासपुर शुक्रवार को अमरपुर गांव में एक पुराने स्लेटपोश मकान को गिराने के कार्य में लगा हुआ था।
शाम को अन्य साथी मजदूर छत में लगाई लकड़ियों को निकाल रहे थे और देशराज काम से छुट्टी करके पुराने मकान की सिढि़यों से उतर रहा था। इसी बीच सीढि़यां और मकान का छज्जा गिर गया। देशराज उसके मलबे के साथ नीचे गिर गया। साथी मजदूर और स्थानीय लोगों ने उसे मलबे से निकाला और निजी वाहन से एम्स बिलासपुर पहुंचाया। वहां पर देर रात उपचार के दौरान देशराज ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर घुमारवीं पुलिस की एक टीम भी एम्स पहुंची। वहां साथी मजदूरों के बयान दर्ज किए गए। परिजनों ने भी कोई शक जाहिर नहीं किया है। पुलिस ने शनिवार को शव का पोस्टमार्टम एम्स में कराया। डीएसपी घुमारवीं चंद्रपाल सिंह ने बताया कि मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।
मंदिर में तैनात सुरक्षा टीम ने समय रहते बचाई श्रद्धालु की जान
चैत्र नवरात्रों के अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच श्री नयना देवी मंदिर में नालागढ़ से माता के दर्शन करने आए श्रद्धालु मुकेश कुमार की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी और चक्कर आने के कारण वह चार नंबर सेक्टर में गिर पड़े। इस दौरान मंदिर परिसर में तैनात गृह रक्षा विभाग की क्यूआरटी टीम ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई। टीम के सदस्यों ने श्रद्धालु को स्ट्रेचर पर उठाकर अस्थायी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तेजी से प्राथमिक उपचार शुरू किया। त्वरित चिकित्सा सहायता के चलते मुकेश कुमार की हालत स्थिर हो गई और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। यह घटना मंदिर प्रशासन और सुरक्षाबलों की सतर्कता और तत्परता को दर्शाती है। नवरात्रों के दौरान लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन करने आते हैं, ऐसे में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैनात सुरक्षा और चिकित्सा दल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और किसी भी अस्वस्थता की स्थिति में तुरंत सुरक्षाकर्मियों या चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें।