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Kullu Dussehra 2022: अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में 7,500 महिलाओं ने डाली महानाटी
Fri, 07 Oct 2022 04:09 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 07 Oct 2022 04:09 PM IST
सार
7,500 महिलाओं ने वाद्य यंत्रों की धुनों पर शत-प्रतिशत मतदान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और नशा मुक्त कुल्लू का संदेश दिया।
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महानाटी डालतीं महिलाएं।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय दशहरा महोत्सव के तीसरे दिन कुल्लू में 7,500 महिलाओं ने महानाटी डाली। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजकर आईं महिलाओं ने वाद्य यंत्रों की धुनों पर शत-प्रतिशत मतदान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और नशा मुक्त कुल्लू का संदेश दिया। महानाटी का आयोजन ढालपुर रथ मैदान में हुआ। करीब एक घंटा महिलाएं तीन सर्कलों में वाद्ययंत्रों की धुनों पर कदम से कदम मिलाकर नाचीं। महिलाओं की इस महानाटी को जहां हजारों लोगों ने देखा, वहीं विदेशी मेहमान भी इसके कायल हुए।
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महिलाएं महानाटी के लिए कुल्लवी पट्टू, धाठू और आभूषण पहनकर आईं थीं। नाटी में महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला सुबह 8:00 बजे शुरू हो गया था। पंजीकरण के बाद ही इन्हें मैदान में प्रवेश दिया गया। स्वीप यानी सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता के थीम पर आधारित महानाटी के दौरान भारतीय निर्वाचन आयोग के सचिव अमित कुमार, एएसओ हितेष कुमार और स्वीप समन्वयक आरके सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। नाटी शुरू होने से पहले महिलाओं ने हजारों गुबारे आसमान में छोड़े। इससे पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने थीम नाटी भी पेश की।
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इस दौरान 12 गीत गाए गए। गौर रहे कि वर्ष 2015 में 9,900 महिलाओं ने एक साथ महानाटी करके लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाकर और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र प्राप्त करके इतिहास रचा था। इस संबंध में उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि महानाटी का उद्देश्य जिला की समृद्ध संस्कृति को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के साथ-साथ देश विदेश में इसका प्रचार-प्रसार करना और समाज को अनेक महत्वपूर्ण अभियानों के बारे में शिक्षित करना भी है।