फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   kotkhai gangrape and murder case medical of two accused in ddu hospital

गुड़िया मामले में पुलिस बैकफुट पर, अब दो और रईसजादों का मेडिकल कराया

Sun, 16 Jul 2017 12:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 16 Jul 2017 12:45 PM IST
विज्ञापन
kotkhai gangrape and murder case medical of two accused in ddu hospital

गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड मामले में किरकिरी के बाद अब शिमला पुलिस बैकफुट पर आ गई है। ठियोग में उग्र प्रदर्शन और सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद पुलिस दोबारा उन रईसजादों के पास पहुंच गई है, जिन्हें पहले पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। शनिवार सुबह आरोपी आशीष के साथ दो रईसजादों की कोटखाई थाने में हाजिरी भरवाकर पुलिस भारी सुरक्षा के बीच इन्हें शिमला लेकर पहुंची।

विज्ञापन


डीडीयू अस्पताल में आशीष और दोनों रईसजादों के सीमन एनालिसिस और डीएनए प्रोफाइलिंग के सैंपल लिए गए। पुलिस अब भी मामले में छह को ही आरोपी बता रही है। दोनों रईसजादों का संदेह के आधार पर मेडिकल कराने की बात पुलिस कर रही है। बता दें कि इन दोनों रईसजादों के सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुए थे। 
विज्ञापन


आक्रोशित लोग इन्हें हिरासत में लेने के लिए लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे थे। मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को पुलिस की एक टीम दोबारा गुड़िया के स्कूल भी भेजी गई। हालांकि, स्कूल में पुलिस गुड़िया की सहेलियों से बातचीत नहीं कर सकी। इस मामले में डीजीपी सोमेश गोयल और एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी से संपर्क किया गया लेकिन बात नहीं हो सकी।

विज्ञापन
विज्ञापन

परिजन भी पहुंचे थाने

kotkhai gangrape and murder case medical of two accused in ddu hospital

दोनों रईसजादों के साथ उनके परिजन भी कई वाहन लेकर थाने तक पहुंचे। कोटखाई से पुलिस ने दोनों युवकों को शिमला के लिए यह कहकर भेजा कि उनका मेडिकल करवाया जाना है। युवकों के साथ उनके परिजन भी शिमला पहुंचे थे। 

अभी भी सबूत तलाश रही पुलिस
घटना के ग्यारह दिन बाद भी पुलिस महासू में घटना स्थल पर पहुंचकर सबूत खंगालने में जुटी है। शनिवार को गुड़िया की सहपाठियों से बात न होने के बाद पुलिस ने गांव के कुछ लोगों से दोबारा पूछताछ की। 

यह है पूरा मामला
गुड़िया का शव निर्वस्त्र हालत में छह जुलाई की सुबह दांदी के जंगल में बरामद किया गया। गुड़िया चार जुलाई शाम से लापता थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुराचार और हत्या की बात सामने आई। मामले में आशीष चौहान की पहली गिरफ्तारी हुई। 

उसी दिन चंद घंटों बाद दो नेपालियों, उत्तराखंड के दो लोगों समेत छह को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में पुलिस मुख्यालय ने प्रेस वार्ता की लेकिन पुलिस की बात लोगों के गले नहीं उतरी और उन्होंने आंदोलन खड़ा कर दिया। जन आक्रोश के आगे सरकार झुकी और सीबीआई को मामला सौंपने के आदेश दे दिए।

जांच में जोखिम नहीं लेना चाह रही पुलिस

kotkhai gangrape and murder case medical of two accused in ddu hospital

मामले का खुलासा होने के बाद से जिस तरह पुलिस की पूरी जांच पर सवाल उठने लगे हैं, उसके बाद पुलिस मामले में कोई भी चूक नहीं करना चाह रही। यही कारण है कि जिन आरोपियों को क्लीन चिट दी गई उनकी भले ही गिरफ्तारी नहीं कर रही। 

लेकिन पूछताछ के बाद रह गए शक को दूर करने के लिए उनका डीएनए सैंपल ले लिया। अब अगर सैंपल पास नहीं होता है तो पुलिस के पास ठोस वजह होगी और वह छोड़ने की वजह भी पुख्ता तरीके से बता सकेगी। वहीं, अगर सैंपल मिल गए तो भी चुपचाप गिरफ्तारी कर वाहवाही लूट सकेगी।

सीबीआई जांच के लिए सीएम वीरभद्र का पीएम मोदी से निवेदन

kotkhai gangrape and murder case medical of two accused in ddu hospital

गुड़िया प्रकरण की जल्द सीबीआई जांच शुरू करने के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने पीएम को मामले की संवेदनशीलता से अवगत करवा जल्द प्रकरण में सीबीआई जांच के आदेश देने का निवेदन किया है। गुड़िया प्रकरण को लेकर शनिवार शाम को मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह सचिव और एसएसपी शिमला की बैठक बुलाई। बैठक में पूरे प्रकरण पर सीएम ने अधिकारियों से अपडेट ली।

अधिकारियों से मंथन के बाद सीएम ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। सीबीआई जांच की सिफारिश के लिए शुक्रवार को प्रदेश गृह सचिव की ओर से केंद्र को भेजे पत्र का हवाला सीएम ने अपने पत्र में दिया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि आपको अवगत करवाना चाहूंगा कि प्रदेश में एक मासूम बच्ची के साथ दुराचार के बाद निर्मम हत्या हुई है।

प्रदेश पुलिस ने मामले में कुछ गिरफ्तारियां कर ली है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने 14 जुलाई को सीबीआई जांच करवाने के लिए केंद्र से आग्रह किया है। गृह विभाग के पत्र का उल्लेख करने के बाद पत्र के अंत में सीएम ने पीएम से निवेदन किया है कि अगर आप मामले को तुरंत सीबीआई से जांच करवाने का आदेश दें, तो दोषियों को जल्द पकड़ कर गुुड़िया को न्याय मिल सकेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed