किसाऊ बांध: इनपुट पावर लागत 2.30 रुपये प्रति किलोवाट ऑवर पर स्थिर रखने का आग्रह, सीएम जयराम ने रखा पक्ष
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर यमुना नदी की सहायक टोंस नदी पर प्रस्तावित राष्ट्रीय महत्व की परियोजना को लेकर केंद्र सरकार से इनपुट पावर लागत 2.30 रुपये प्रति किलोवाट ऑवर पर स्थिर रखने का आग्रह किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को किसाऊ बांध परियोजना की बैठक में हिमाचल प्रदेश का पक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर यमुना नदी की सहायक टोंस नदी पर प्रस्तावित राष्ट्रीय महत्व की परियोजना को लेकर केंद्र सरकार से इनपुट पावर लागत 2.30 रुपये प्रति किलोवाट ऑवर पर स्थिर रखने का आग्रह किया। बैठक नई दिल्ली में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से हुई। मुख्यमंत्री जयराम चौपाल के नेरवा क्षेत्र से बैठक में जुड़े। बैठक में हरियाणा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों ने भी भाग लिया।
सीएम ने बिजली घटक लागत कम रखने की बात कही, जिससे हिमाचल प्रदेश इसे वहन कर सकेगा। परियोजना से उत्पन्न बिजली हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बराबर बांटने का भी सीएम ने आग्रह किया। केंद्र सरकार जल घटक की 90 प्रतिशत और लाभान्वित राज्य 10 प्रतिशत लागत वहन करेंगे। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों ने पहाड़ी राज्यों के सीमित बजट संसाधनों और अन्य राज्यों की तुलना में कम लाभ के दृष्टिगत केंद्र सरकार से ऊर्जा घटक की 90 प्रतिशत लागत को वित्तपोषित करने का भी आग्रह किया गया। उन्हाेंने केंद्रीय मंत्री से इस परियोजना में लागत वृद्धि से बचने के लिए इसमें तेजी लाने का आग्रह किया।
हिमाचल और उत्तराखंड की सरकारें राहत और पुनर्वास संबंधी मामलों का भी वहन करेंगी
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारें राहत और पुनर्वास संबंधी मामलों का भी वहन करेंगी। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने सभी हितधारक राज्यों के मुख्यमंत्रियों से राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना पर समन्वय सुनिश्चित करने का आग्रह किया, जिससे इस परियोजना पर शीघ्र कार्य शुरू किया जा सके।