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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन: एनएचएआई ने माना, मंडी भराड़ी से नेरचौक तक नहीं है फुल स्केप प्लान
Sun, 17 Oct 2021 12:54 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 17 Oct 2021 12:54 PM IST
सार
एनएचएआई के तहसीलदार ने रिपोर्ट में लिखा है कि गरामोड़ा से मंडी भराड़ी तक फोरलेन भूमि अधिग्रहण का प्लान फुल स्केप में है। उसके आगे का प्लान फुल स्केप में नहीं है।
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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के अंतर्गत बिलासपुर के मुहाल मंडी भराड़ी से नेरचौक तक भूमि अधिग्रहण प्लान का इंतकालों के साथ संलग्न ततिमाजात से मिलान करना संभव नहीं है। यह भूमि अधिग्रहण प्लान फुल स्केप में नहीं है। प्लान फुल स्केप में न होने से रोड अलाइनमेंट प्लान में हुए बदलाव की जांच भी संभव नहीं है। इसकी पुष्टि एनएचएआई के तहसीलदार अजीत कुमार वर्मा ने डीएफओ बिलासपुर को सौंपी रिपोर्ट में की है।
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एनएचएआई के तहसीलदार ने रिपोर्ट में लिखा है कि गरामोड़ा से मंडी भराड़ी तक फोरलेन भूमि अधिग्रहण का प्लान फुल स्केप में है। उसके आगे का प्लान फुल स्केप में नहीं है।
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एनएचएआई की भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई मुख्यालय बिलासपुर के तहसीलदार ने 8 साल में पहली बार माना कि मुहाल मंडी भराड़ी से नेरचौक तक का भूमि अधिग्रहण प्लान का इंतकालों के साथ संलग्न ततिमाजात से मिलान किया जाना संभव नहीं है। उन्होंने वन मंडलाधिकारी को क्षेत्रीय सशक्त समिति की बैठक 11 जून के एजेंडा नंबर 2 के संबंध में विस्थापित समिति की शिकायत संख्या डीबीएलपी (शिकायत) 6844 के जवाब में यह जानकारी दी है।
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कीरतपुर-नेरचौक अप्रूव्ड रोड अलाइनमेंट प्लान में हुए बदलाव पर प्रदेश सरकार की ओर से कोई कार्रवाई न करने पर मंत्रालय ने परियोजना का कार्य बंद कर दिया था। फोरलेन का काम शुरू करवाने के लिए आननफानन में बिना रिकॉर्ड कई रिपोर्टें तैयार कर पर्यावरण मंत्रालय को भेजी गईं। इनके आधार पर काम शुरू करने की अनुमति मिली थी। अब रूट बदलाव की जांच कर रहे एनएचएआई के तहसीलदार स्वयं वनमंडलाधिकारी को अवगत करवा रहे हैं कि मुहाल मंडी भराड़ी से आगे का भूमि अधिग्रहण प्लान फुल स्केप में नहीं।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि फोरलेन का काम शुरू करने के लिए आननफानन में मंत्रालय को गुमराह करने वाली रिपोर्ट दाखिल की है। मंत्रालय फोरलेन का निर्माण बंद करने के आदेश जारी करे। काम शुरू करने के लिए रखी गई पांच अतिरिक्त शर्तों को पूरा करने के बाद इसे शुरू किया जाए।