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Himachal News: 4,300 की बोली रद्द कर 5,800 में खरीदी प्रूनिंग कैंची, जांच के आदेश; गड़बड़झाले की आशंका

Wed, 01 Jul 2026 09:45 AM IST
Ankesh Dogra धर्मेंद्र पंडित, शिमला।
धर्मेंद्र पंडित, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Wed, 01 Jul 2026 09:45 AM IST
सार

किन्नौर के कल्पा ब्लॉक में वाटरशेड योजना के तहत प्रूनिंग कैंची खरीद विवादों में घिर गई है। आरोप है कि 4,300 रुपये की सबसे कम बोली रद्द कर 5,800 रुपये प्रति कैंची की खरीद को मंजूरी दी गई। शिकायत मिलने के बाद पंचायतीराज विभाग ने जांच शुरू कर दी है। वहीं, चिड़गांव ब्लॉक में इसी मॉडल की कैंची लगभग 5,000 रुपये में खरीदे जाने से खरीद प्रक्रिया पर सवाल और गहरे हो गए हैं।

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kinnaur pruning shears tender controversy watershed scheme investigation
प्रूनिंग कैंची खरीद पर विवाद - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

केंद्र सरकार की वाटरशेड स्कीम में किसानों और बागवानों के लिए हिमाचल में प्रूनिंग कैंचियों की खरीद प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। किन्नौर के कल्पा विकास खंड में कैंची खरीद में गड़बड़झाले की आशंका है। यहां पहले 4,300 रुपये प्रति कैंची की न्यूनतम बोली लगी तो उस टेंडर को रद्द कर दिया गया और बाद में नई टेंडर प्रक्रिया अपनाकर करीब 5,800 रुपये प्रति कैंची की दर को खरीद को मंजूरी दे दी गई। यह मंजूरी करीब 480 कैंचियों की है। इस संबंध में विभाग के पास शिकायत पहुंची है। पंचायतीराज विभाग ने इस पर जांच के निर्देश जारी किए हैं। वहीं, कुछ साल पहले भी कैंची खरीद घोटाला सामने आया था।

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स्विट्जरलैंड में निर्मित इस प्रूनिंग कैंची का नाम फेल्को-7 है। यह खरीद किन्नौर की कोठी और शिमला के चिड़गांव ब्लॉक की कई पंचायतों में हुई है। कोठी की एक शिकायत तो विभाग को भी पहुंची है। यहां दिसंबर 2025 में टेंडर आमंत्रित किया गया। टेंडर खुलने पर सबसे कम 4,300 रुपये प्रति कैंची की बोली प्राप्त हुई लेकिन इस प्रक्रिया को अचानक रद्द किया गया। इसके बाद बीडीओ कार्यालय ने टेंडर फ्लोट कर निविदाएं मांगी। इसमें सबसे कम दर 5,800 रुपये को मंजूरी दी गई। 

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पंचायत सचिव एवं खरीद समिति के सदस्य परविंद्र ने कहा कि आशंका थी कि कम कीमत पर घटिया गुणवत्ता की कैंची आपूर्ति की जा सकती है। इसलिए टेंडर रद्द किया गया। बाद में बाजार भाव बढ़ने के कारण करीब 5,800 रुपये की दर को मंजूरी दी गई। उपप्रधान दयाल सिंह नेगी ने बीडीओ कार्यालय को शिकायत देकर खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।

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चिड़गांव में 800 रुपये कम रेट पर खरीद: चचिड़गांव ब्लॉक की पंचायतों ने कल्पा की कोठी पंचायत के वर्क ऑर्डर की तुलना में तय रेट से 800 रुपये कम में यही प्रूनिंग कैंची खरीदी। चिड़गांव में प्रूनिंग कैंचियों की खरीद के लिए पंचायत स्तर पर टेंडर आमंत्रित किए गए थे। चिड़गांव की जांगला पंचायत के सचिव मैन राम ने बताया कि डेढ़ सौ फेल्को-7 कैंचियां खरीदी गईं। प्रति कैंची 5000 रुपये में खरीदी गई।

वहीं, इस ब्लॉक की रनोल पंचायत के पूर्व सचिव व थाना पंचायत के सचिव विजेंद्र ने बताया कि रनोल में 5000 रुपये की फेल्को -7 कंपनी की 100 कैंचियां खरीदी गई। उन्होंने कहा कि थाना पंचायत में जर्मनी कंपनी की कैंची खरीदी गई। उधर, बीडीओ कल्पा हिमांशी ने कहा कि प्रूनिंग कैंची के टेंडर संबंधी शिकायत पर जांच चल रही है। पंचायत की ओर से पहले किया गया टेंडर रद्द होने के बाद नई निविदाएं जारी की थीं, जबकि टेंडर पंचायत स्तर पर ही खोले गए।

मामला संज्ञान में आया है। यदि जांच में महंगे दामों पर खरीद की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अनिरुद्ध सिंह, पंचायती राज मंत्री
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