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बिना इलाज दम तोड़ रहे हैं किडनी रोग के पीड़ित कोरोना मरीज, पढ़ें पूरा मामला

Wed, 02 Jun 2021 11:23 AM IST
Krishan Singh सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला
सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 02 Jun 2021 11:23 AM IST
सार

अगर किसी किडनी रोगी की कोरोना से ग्रसित होने पर गंभीर हालत हो जाए तो आईजीएमसी शिमला और पीजीआई चंडीगढ़ के अलावा कहीं  और इलाज नहीं हो रहा। धर्मशाला अस्पताल में भी वेंटिलेटर न होने की वजह से यहां पर भी गंभीर रोगी का डायलिसिस नहीं होता है। 

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Kidney disease patients are dying without treatment, read the whole matter
किडनी(सांकेतिक)

विस्तार

निचले हिमाचल से हमीरपुर, मंडी, ऊना, कांगड़ा और चंबा 5 जिलों के किडनी रोग से पीड़ित गंभीर कोरोना मरीज बिना इलाज के दम तोड़ रहे हैं। किडनी रोग से पीड़ित गंभीर कोरोना मरीजों का आईजीएमसी शिमला के अलावा कहीं भी डायलिसिस नहीं हो रहा है। टांडा अस्पताल की सुपर स्पेशिलिटी किडनी रोग से पीड़ित गंभीर कोरोना मरीजों के लिए किसी काम नहीं आ रही है। अगर किसी किडनी रोगी की कोरोना से ग्रसित होने पर गंभीर हालत हो जाए तो आईजीएमसी शिमला और पीजीआई चंडीगढ़ के अलावा कहीं  और इलाज नहीं हो रहा। धर्मशाला अस्पताल में भी वेंटिलेटर न होने की वजह से यहां पर भी गंभीर रोगी का डायलिसिस नहीं होता है। 

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केस स्टडी 
नूरपुर की सिंबली पंचायत के उपप्रधान सुमित गौतम ने बताया कि उनकी मां किडनी रोगी थी। हफ्ते में दो बार डायलिसिस होता था। मां को नूरपुर अस्पताल से टांडा रेफर किया गया। टांडा में कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई। मां को वेंटिलेटर पर रखा गया। उनका डायलिसिस अनिवार्य था। टांडा अस्पताल के डॉक्टरों कहा कि यहां पर डायलिसिस नहीं होता। डायलिसिस सिर्फ धर्मशाला अस्पताल में होता है, लेकिन वहां पर वेंटिलेटर नहीं है। पठानकोट के दो निजी अस्पताल में भी इलाज के लिए गए लेकिन मना कर दिया गया। अमृतसर में एक निजी अस्पताल में बात की लेकिन मां ने बीच रास्ते में दम तोड़ दिया। अगर टांडा या धर्मशाला में मां का डायलिसिस हो जाता तो वह आज जिंदा होतीं।
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टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भानु अवस्थी ने कहा कि हमारे यहां पर डायलिसिस की सुविधा नहीं है। नेफ्रोलॉजिस्ट का पद खाली है। मशीन भी खराब है। पद भरने के लिए सरकार से लिखित में काफी समय से मांग की जा रही है। सीएमओ कांगड़ा जीडी गुप्ता ने बताया कि वेंटिलेटर वाले कोरोना मरीज के डायलिसिस की सुविधा नहीं है। सीएमओ ने माना कि कुछ मरीजों की मौत इस वजह से हुई है लेकिन उसका आंकड़ा हमने तैयार नहीं किया है।

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