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खज्जियार झील से गाद निकालने के लिए लाखों की राशि नहीं हुई खर्च
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खज्जियार (चंबा)
Updated Mon, 01 Oct 2018 10:06 AM IST
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देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहने वाली खज्जियार झील के अस्तित्व को बचाने के लिए वन विभाग के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। इस वजह से झील का दायरा लगातार सिकुड़ता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि झील से गाद निकालने के लिए अमूमन एक वर्ष पहले स्वीकृत हुई 46 लाख की राशि को वन्य प्राणी विभाग अभी तक खर्च तक नहीं कर पाया है।
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वहीं, दूसरी ओर झील के आसपास गाद का दायरा बढ़ता जा रहा है। वहीं, वन्य प्राणी विभाग के अधिकारी प्राकृतिक खज्जियार झील से गाद को निकालने संबंधी कार्य के लिए रेट की सही जानकारी नहीं मिलने का तर्क दिया जा रहा है। ऐसे में अगर समय रहते संबंधित विभाग, शासन और प्रशासन ने प्राकृतिक झील खज्जियार की तरफ ध्यान न दिया तो आने वाले समय में यह रमणीक स्थल और झील का वजूद खतरे में आ जाएंगे।
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गौरतलब हो कि देश-दुनिया में प्राकृतिक झील और रमणीक प्राकृतिक नजारों के लिए प्रसिद्ध पर्यटन नगरी खज्जियार झील अपना वजूद खोती जा रही है। यहां हर वर्ष 15 से 20 हजार के करीब सैलानी प्राकृतिक झील खज्जियार को देखने के लिए ही यहां पर उमड़ते हैं। इतना ही नहीं, 15 अप्रैल से 15 जुलाई तक चलने वाले पर्यटन सीजन और हर वर्ष अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर माह में यहां पर पर्यटकों की आमद अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक रहती है।
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मगर खज्जियार झील पर टनों के हिसाब से एकत्रित होने वाली गाद (दलदल) को निकालने का स्थायी हल न निकाल पाना संबंधित विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों की मानें तो झील से गाद (दलदल) निकालने संबंधी कार्य के लिए विभिन्न विभागों से रेट मांगें गए थे। मगर विभिन्न विभागों के पास भी इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई थी।
यहीं कारण है कि एक वर्ष तक इस संदर्भ में कार्य नहीं हो पाए हैं। रेट न मिल पाने की सूरत में वन्य प्राणी विभाग ने नेरोसेशन टीम का गठन किया गया। इस टीम में वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ, एसीएफ और हेड ड्राफ्टसमैन को शामिल किया गया। इसके बाद टीम ने तीन दिनों तक एक्साइज भी करवाई गई। वन्य प्राणी विभाग के मुख्य वन अरण्यपाल प्रदीप ठाकुर ने कहा कि खज्जियार झील से गाद निकालने के लिए 46 लाख की राशि स्वीकृत है।
उन्होंने कहा कि पहले कार्य संबंधी रेट की जानकारी नहीं मिलने से यह कार्य अधर में लटका था। बहरहाल, रेट की सही जानकारी के लिए नेरोसेशन टीम गठित कर एक्सरसाइज करवाई गई है। आगामी 15 दिनों में कार्य संबंधी टेंडर आमंत्रित करवाकर रजिस्टर्ड ठेकेदार को कार्य सौंप कार्य आरंभ करवा दिया जाएगा।