करवा चौथ: शिमला के रिज पर चांद का दीदार करने के लिए उमड़ीं सुहागिनें, बादलों की आंख-मिचौली ने करवाया इंतजार
रात 8:05 बजे चांद निकलने की उम्मीद जगी लेकिन खराब मौसम के कारण उसका दीदार नहीं हो पाया। लंबे इंतजार के बाद रात 8:50 बजे चांद दिखाई दिया। कुछ देर नजर आने के बाद वह फिर बादलों में छिप गया।
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करवा चौथ के पर्व पर गुरुवार को हिमाचल प्रदेश के बाजारों में दिनभर रौनक रही। सुबह से ही खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई जो सिलसिला देर शाम तक जारी रही। वहीं शाम को चांद निकलने के बाद सुहागिनों ने करवा चौथ व्रत खोला। शिमला के रिज मैदान पर करवा चौथ पर सुहागिनों के धैर्य की परीक्षा लेते रहे बादलों ने चांद के दीदार के लिए लंबा इंतजार कराया। दिनभर खराब मौसम के बाद महिलाएं रात को सज-धजकर ऐतिहासिक रिज मैदान पहुंचीं। सभी की नजरें आसमान पर टिकी थीं। किसी के हाथ में पूजा की थाली थी तो कोई छलनी और पानी का लोटा लेकर चांद निकलने का इंतजार कर रही थीं। रात 8:05 बजे चांद निकलने की उम्मीद जगी लेकिन खराब मौसम के कारण उसका दीदार नहीं हो पाया। लंबे इंतजार के बाद रात 8:50 बजे चांद दिखाई दिया। कुछ देर नजर आने के बाद वह फिर बादलों में छिप गया। ऐसे में जिन महिलाओं का व्रत नहीं खुल पाया उन्हें दोबारा चांद दिखने का इंतजार करना पड़ा। ठंडी हवाओं के बीच सुहागिनें रिज मैदान पर चांद के दीदार के लिए डटी रहीं। रिज मैदान पर रात करीब 7:30 बजे से ही विवाहित जोड़ों का पहुंचना शुरू हो गया था। चांद निकलने को लेकर महिलाओं में उत्सुकता बनी हुई थी।
खराब माैसम ने बढ़ाया चांद के दीदार का इंतजार
रात करीब 8:15 बजे केलस्टन क्षेत्र की ओर चांद दिखाई देने की सूचना से महिलाओं में हलचल बढ़ गई। हालांकि बादलों की आंख-मिचौली के कारण कई महिलाएं चांद को ठीक से नहीं देख पाईं। रात 8:50 बजे ही चांद के दीदार के बाद सुहागिनों ने छलनी से पहले चांद और फिर अपने पति का चेहरा देखकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोला। रिज मैदान पर सैकड़ों महिलाओं ने एक साथ करवा चौथ की रस्में निभाईं। स्थानीय महिलाओं के साथ पर्यटक जोड़े भी इस खास पल के साक्षी बने। कई बुजुर्ग दंपती भी व्रत खोलने के लिए रिज मैदान पहुंचे। इस दौरान पुलिस कर्मी भी गश्त करते नजर आए।
पंजाब से शिमला पहुंचे नवविवाहित दंपती सिमरन कौर और रोहन सिंह ने बताया कि उन्होंने एक महीने पहले ही करवा चौथ मनाने के लिए शिमला आने की योजना बना ली थी। रिज मैदान पर सैकड़ों महिलाओं को एक साथ व्रत खोलते देखना उनके लिए अद्भुत अनुभव रहा।
पति की लंबी उम्र के लिए रखा निर्जला व्रत
सुहागिनों ने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ करीब 13 से 14 घंटे तक निर्जला व्रत रखा। सुबह महिलाओं ने ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सरगी ग्रहण की। इसके बाद सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखा और शिव परिवार व करवा माता की पूजा-अर्चना की। शाम को महिलाओं ने अपने घरों में निर्धारित शुभ मुहूर्त के अनुसार पूजा की। चांद के दीदार और पति के हाथों पानी पीने के बाद व्रत का पारण किया। राजधानी के कृष्णानगर क्षेत्र में करवाचौथ के अवसर पर थाली घुमाने की रस्म निभाई गई। शाम को सभी व्रती महिलाएं एक जगह एकत्रित हुईं और घेरे में बैठकर यह रस्म निभाई।
करवा चौथ पर बाजारों में भीड़, कारोबारियों के खिले चेहरे
करवा चौथ के पर्व पर वीरवार को शहर के बाजारों में दिनभर रौनक रही। सुबह से ही खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई जो सिलसिला देर शाम तक जारी रही। त्योहार के उत्साह के बीच बाजारों में चहल-पहल बढ़ने से कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे। कपड़े, गहने, चूड़ियां, साज- शृंगार के सामान और पूजा सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। वहीं मिठाइयों की दुकानों पर भी खरीदारी के लिए लोग पहुंचते रहे। करवा चौथ के लिए महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों से लेकर आकर्षक गहनों तक की खरीदारी की। शहर में कपड़ा और आभूषण कारोबार में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने त्योहार के लिए अपनी पसंद के कपड़े, चूड़ियां, कुंडल, पेंडेंट और अन्य आभूषण खरीदे। लोअर बाजार के कपड़ा कारोबारी अमरनाथ ने बताया कि करवा चौथ के दिन दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ रही। उन्होंने कहा कि इस बार त्योहार पर अच्छा कारोबार हुआ है। बाजारों में उमड़ी भीड़ और खरीदारी के उत्साह ने कारोबारियों को राहत दी है।
मेहंदी लगवाने के लिए लगीं कतारें
इसके अलावा साज-श्रृंगार के सामान, गिफ्ट आइटम और पूजा से जुड़ी सामग्री की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। त्योहार के चलते बाजारों में दिनभर रौनक बनी रही। गहना कारोबारियों ने बताया कि इन दिनों हल्के वजन और आधुनिक डिजाइन वाले आभूषण महिलाओं की पसंद बने हुए हैं। डायमंड सेट, फैंसी कान के कुंडल, चूड़ियां और पेंडेंट की मांग अधिक रही। महिलाएं अपनी पसंद और बजट के अनुसार आभूषण खरीदती नजर आई।करवा चौथ की रौनक शेरे पंजाब, टका बैंच और लोअर बाजार में भी देखने को मिली। मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं की दिनभर कतारें लगी रहीं। युवतियां दिनभर बाजार में जगह-जगह महिलाओं को मेहंदी लगाने के लिए बैठी रहीं। दिन के समय बारिश के दौरान भी महिलाएं छाता लेकर मेहंदी लगाती रहीं। वहीं मिठाइयों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ रही।
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