द ग्रेट खली शो के रिंग में उतरेगा हिमाचल का गबरू, तीन साल से कर रहा अभ्यास
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पुलिस मैदान धर्मशाला में 12 जुलाई को होने वाले द ग्रेट खली शो में कांगड़ा के अजय सिंह भी रिंग में उतरेंगे। देशी और विदेशी पहलवानों को रिंग में चित करने के लिए अजय सिंह कठिन परिश्रम कर रहे हैं। मेलों की कुश्तियों से पहलवानी की शुरुआत करने वाले अजय सिंह यूं तो जालंधर में हर गुरुवार और शनिवार को होने वाले रेसलिंग में भाग लेते हैं, लेकिन धर्मशाला में उनके लिए पहला मौका होगा, जब बड़े मंच पर उतरकर देश और विदेश के बड़े पहलवानों के साथ रेसलिंग करेंगे।
जिला कांगड़ा के ज्वाली तहसील के नडियाल गांव के रहने वाले अजय सिंह को बचपन से ही पहलवानी का शौक था। ऐसे में वह स्थानीय छिंज मेलों में अखाड़े में उतरकर पहलवानी करते थे। साल 2016 में द ग्रेट खली की जालंधर स्थित अकादमी में प्रवेश के लिए ट्रायल दिया, जहां तीन सालों से रेसलिंग के गुर सीख रहे हैं। अजय सिंह कहते हैं कि उन्हें बचपन से ही रेसलिंग का शौक था। ऐसे में वह उनका नशा भी रेसलिंग करना ही रहा है। उन्होंने अन्य युवाओं से भी नशीली वस्तुओं से दूर रहकर खेल का नशा करने का आह्वान किया।
दिन में जरूर खाते हैं एक दर्जन अंडे और चिकन
अजय सिंह रिंग में पहलवानों को चित करने के लिए अभ्यास के साथ डाइट का पूरा ध्यान रखते हैं। सुबह पांच बजे से नौ बजे तक जिम में अभ्यास के बाद रेसलिंग की ट्रेनिंग लेते हैं, जबकि बाद में प्रैक्टिस करते हैं। अजय दिन में केवल एक से दो घंटे का आराम करते हैं।
बाकी समय अभ्यास में गुजरता है। सुबह एक दर्जन अंडे और एक लीटर दूध सहित दलिया जरूर खाते हैं। दिन के समय फल और सामान्य खाना खाते हैं। रात को चिकन खाते हैं। खाने के साथ दही जरूर लेते हैं। वह उबला हुआ खाना ही खाते हैं।
भाई पेट्रोल पंप पर करते हैं काम
गरीब घर से संबंध रखने वाले अजय सिंह के दो बड़े भाई राकेश कुमार और साजन पेट्रोल पंप पर काम करते हैं, जबकि पिता प्रमोद सिंह और माता स्वर्णा देवी घर में ही रहती हैं। अजय सिंह ने मेकेनिकल में डिप्लोमा करके राजस्थान में श्रीराम पिस्टन में बतौर फिटर नौकरी भी की, लेकिन बाद में खली की जालंधर स्थित अकादमी में ट्रायल देकर वहीं अभ्यास करते हैं।