नड्डा ने ताजा कीं शिमला की यादें, बोले- हर चेहरे को जानता हूं
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि ऐसा कोई चेहरा नहीं है, जिसे वह जानते नहीं हैं। बहुत से नेताओं को सदर थाने से छुड़ाया है। बहुत से लोगों को मरहम भी लगाया है। बहुतों के साथ शिमला के कोर्ट में हाजिरी दी है। ऐसे लोगों से मिलते हैं तो उन्हें बहुत खुशी होती है। शिमला की ऐसी कोई सड़क नहीं है, जिसमें वह चले नहीं हैं।
लोग ओक के पेड़ के पास डरने के किस्से सुनाते थे, वह रात को वहां से गुजरते थे। उस समय गाना गाते थे - हम होंगे कामयाब एक दिन गाते थे। आज वह जिस जिम्मेवारी में हैं, उसकी शुरुआत शिमला में हुए संघर्ष से हुई। उन्हें भगवान का आशीर्वाद है। नड्डा ने यह बातें पीटरहॉफ शिमला में हुए नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में कहीं।
शाह चाहते हैं कि पार्टी उत्कर्ष पर हो, देवी-देवताओं के आशीर्वाद से कसर नहीं छोड़ूगा
नड्डा बोले कि अमित शाह कहते हैं कि पार्टी को अभी उत्कर्ष देखना है। हालांकि, पार्टी पहले से ही ऊंचाई पर है। पर उत्कर्ष देखना बाकी है। इसका जनता को विश्वास दिलाते हैं कि वह इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। देवभूमि के देवी-देवताओं का इसके लिए आशीर्वाद मिलेगा। देवी-देवता तुल्य लोगों का भी सहयोग मिलेगा।
शांता, धूमल के कार्यकाल को भी नाम लिए बगैर सराहा
नड्डा ने कहा कि हमारे यहां पानी वाले मुख्यमंत्री, सड़क वाले मुख्यमंत्री रहे हैं और संवेदनशील मुख्यमंत्री हैं। इस तरह से नड्डा ने नाम लिए बगैर शांता कुमार और प्रेमकुमार धूमल के कार्यकाल को भी याद किया।
राजनीति संजौली के नीचे ही छूटती है
नड्डा ने भाजपा कार्यकर्ताओं को दो मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता न तो राजनीति को पार्ट टाइम मानें और न ही इसे शौक की तरह ही लें। इसे लोगों के जीवन को बदलने का माध्यम बना लें।
दूसरी बात उन्होंने यह कही कि राजनीति में प्रवेश होता है, इसमें एग्जिट नहीं है। इससे आदमी केवल तभी जाता है, जब वह संजौली के नीचे पहुंचता है। संजौली के नीचे से नड्डा का अभिप्राय संजौली श्मशानघाट से था।