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इन खूबियों की वजह से कैबिनेट मंत्री बने नड्डा

Mon, 10 Nov 2014 11:32 AM IST
Updated Mon, 10 Nov 2014 11:32 AM IST
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JP Nadda got berth in PM Modi cabinet.

हिमाचल के बिलासपुर से संबंध रखने वाले भाजपा नेता और हिमाचल प्रदेश से राज्य सभा सांसद जयप्रकाश नड्डा केंद्र में कैबिनेट मंत्री बन गए हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल का पहला विस्तार

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किया है। इसमें 21 मंत्री शामिल किए गए हैं। जिनमें से 4 कैबिनेट मंत्री, 3 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 14 राज्यमंत्री शामिल हैं।

शिवसेना ने इस शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया। जेपी नड्डा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेहद करीबी हैं। पार्टी महासचिव के तौर पर वे अमित शाह के रणनीतिकारों में गिने जाते हैं। इसके अलावा संघ के भी काफी नजदीक हैं।
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नड्डा के कैबिनेट मंत्री बनते ही हिमाचल प्रदेश भाजपा में ध्रुव का उदय हो गया है। शांता कुमार, प्रेम कुमार धूमल के बाद अब प्रदेश की राजनीति में जेपी नड्डा ध्रुव की शुरुआत होगी। इसका श्रीगणेश केंद्र सरकार में नड्डा के कैबिनेट मंत्री बनने के साथ ही शुरू हो गया है। डेढ़ दशक से अधिक समय से हिमाचल भाजपा पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का एकछत्र राज है।
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धूमल के इशारे पर ही प्रदेश स्तर पर भाजपा में किसी तरह का फेरबदल होता है। सूबे की भाजपा राजनीति में 1998 से पहले तक शांता कुमार सबसे सशक्त हुआ करते थे, लेकिन नरेंद्र मोदी के प्रभारी बनने के बाद से राज्य में धूमल युग की शुरुआत हुई थी। तब से लेकर आज तक प्रदेश भाजपा में प्रेम कुमार धूमल की ही पकड़ मानी जाती है।

अब उसी नरेंद्र मोदी के हिमाचल प्रदेश के जेपी नड्डा बेहद करीबी हो गए हैं। उनके नजदीकी रिश्ते न केवल मोदी से बल्कि संघ और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से भी हैं। इसी का नतीजा रहा कि केंद्र में भाजपा के सरकार बनने के बाद नड्डा का कद दिन दूना और राज चौगुना की गति से बढ़ा है।

अब वे केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गए हैं। अब उनके मंत्री बन जाने से प्रदेश के राजनीतिक समीकरण पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि अब तक प्रदेश भाजपा में जो खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे, उनके रिश्ते नड्डा से मधुर हो सकते हैं। इसके साथ ही प्रदेश भाजपा में एक नए ध्रुव की शुरुआत भी हो गई है।

कुछ दिन पहले ही सौंपा गया महाराष्ट्र और राजस्थान का प्रभार

JP Nadda got berth in PM Modi cabinet.

कुछ दिन पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव जेपी नड्डा को महाराष्ट्र और राजस्थान का प्रभार दिया गया सौंपा गया है। लगातार मिल रही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हिमाचल के बिलासपुर से संबंध रखने वाले भाजपा नेता नड्डा का कद निरंतर बढ़ रहा है।

नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र में भाजपा की जीत के बाद पहले ही उन्हें वहां मुख्यमंत्री के चयन के लिए राजनाथ सिंह के साथ पर्यवेक्षक बनाकर भेजा था। इस तरह से जेपी नड्डा मौजूदा समय में मोदी के भरोसमंद नेताओं में शामिल हैं।

नड्डा की लगातार बढ़ती इस अहमियत से हिमाचल में भी भाजपा संगठन के समीकरण बदल जाएंगे। प्रदेश में उनके समर्थक भाजपाइयों की तादाद भी अब धीरे-धीरे बढ़ रही है। पूर्व भाजपा सरकार में मंत्री रहते हुए नड्डा ने पार्टी संगठन में जाने की बात की थी और उस दौरान मंत्री पद ही छोड़ दिया था।

वे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बने। कुछ समय पहले तो उनका नाम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए भी रेस में था। बाद में वे भाजपा के शीर्ष स्तर के महासचिव बने। नड्डा संसदीय बोर्ड में भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।

मंत्री पद मिलने से हिमाचल को उम्मीदों के पंख

JP Nadda got berth in PM Modi cabinet.

जेपी नड्डा के केंद्र सरकार में मंत्री बनने से हिमाचल को उम्मीदों के पंख लग गए हैं। मंत्री बनने से हिमाचल को कई नई योजनाएं मिल सकती हैं। कई लंबित योजनाओं को भी गति मिल सकती है। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में कांग्रेस की सरकार है। केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भाजपा सरकार के बनते ही हिमाचल की कांग्रेस सरकार की परेशानी वैसे ही बढ़ गई थी। केंद्र से योजनाओं को मनवाने का संकट खड़ा हो गया था।

ऐसी स्थिति में केंद्र की भाजपा शासित सरकार में जेपी नड्डा के मंत्री बनने का हिमाचल की विकास योजनाओं पर सकारात्मक असर होगा। राज्य में कई रेल परियोजनाओं के अनेक बार सर्वेक्षण हो गए हैं, मगर इन्हें धरातल पर नहीं बनाया जा सका है। बिलासपुर-भानुपल्ली और चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइनें प्लान के मुताबिक नहीं बन पाई हैं। पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल लाइन को ब्राडगेज कर इसे लेह तक बनाने का मसला भी अटका हुआ है।

हिमाचल के सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने का मामला भी अटका हुआ है। केंद्र से वित्तपोषित कई योजनाओं में केंद्रीय सहायता की प्रतिशतता में कटौती की गई है। कृषि, सिंचाई एवं अन्य कई योजनाओं में सब्सिडी घटा दी गई है। औद्योगिक पैकेज के कई लाभ भी खत्म कर दिए गए हैं। चूंकि, जेपी नड्डा नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बहुत नजदीकी हैं। ऐसे में मंत्री रहते हुए वे कई योजनाओं को हिमाचल लाने और लंबित योजनाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

नड्डा का राजनीतिक जीवन

JP Nadda got berth in PM Modi cabinet.

बिहार के पटना से छात्र राजनीति से अपना कैरियर शुरू किया
एचपीयू में एबीवीपी से 1980-82 में संयुक्त सचिव रहे
एचपीयू में ही 1983 में एबीवीपी से सचिव के पद पर रहे
1985-86 में हिमाचल प्रदेश में एबीवीपी का क्षेत्रीय सचिव बनाया गया
1986-89 के बीच दिल्ली में एबीवीपी के राष्ट्रीय सचिव सचिव रहे
1991 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना गया
1993 में पहली बार जेपी नड्डा हिमाचल से विधायक चुनकर आए
1998 में दूसरी बार विधायक चुने गए, गठबंधन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने
2003 में हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में वे हार गए
2008 में फिर विधायक बने और भाजपा सरकार में वन मंत्री बने
दो साल बाद मंत्री पद छोड़कर केंद्रीय राजनीति में सक्रिय हो गए-2008-2012 के दौरान ओलंपिक एसोसिएशन ऑफ हिमाचल प्रदेश के प्रेजीडेंट रहे।
-2012 में ‌हिमाचल से राज्य सभा सांसद चुने गए।

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