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पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वालों का कम हुआ 21 हजार किलोमीटर का सफर, पढ़ें पूरा मामला
Mon, 28 Sep 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 28 Sep 2020 05:00 AM IST
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हिमाचल पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल पुलिस की एक अनूठी पहल से अपराध की शिकायत दर्ज कराने वाले लोगों का 21 हजार किलोमीटर का सफर कम हो गया है। सामान्य तौर पर किसी भी अपराध की सूचना देने और एफआईआर दर्ज कराने के लिए लोगों को पुलिस थाने के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन प्रदेश के दुर्गम इलाकों को देखते हुए प्रदेश पुलिस ने रिपोर्टिंग पुलिस पोस्ट की व्यवस्था शुरू की थी। कोशिश थी कि शिकायत दर्ज कराने के लिए लोगों को पुलिस थाने न जाना पड़े, बल्कि पास के क्षेत्र में पुलिस पोस्ट में ही उनकी शिकायत दर्ज हो जाए।
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छह महीने पहले पुलिस ने रिपोर्टिंग पुलिस पोस्ट शुरू की थी। पुलिस की इस पहल से लोगों को लाभ हुआ। छह महीने में 790 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। बजट कमी थी, इसलिए सूबे की 120 से ज्यादा अस्थायी व स्थायी पुलिस पोस्ट में से सिर्फ 66 को ही रिपोर्टिंग किया जा सका। अब जनता के रिस्पांस के बाद पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस पोस्ट को रिपोर्टिंग बनाने के लिए सुविधा शुरू की है।
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इन सुविधाओं से लेस होती है रिपोर्टिंग पुलिस पोस्ट
रिपोर्टिंग पुलिस पोस्ट में कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। शिकायतकर्ता पोस्ट पर तैनात पुलिस कर्मियों को शिकायत देता है। पुलिस कर्मी उसे स्कैन कर ई-मेल से संबंधित थाने में भेज देता है। थाने में एफआईआर दर्ज कर उसकी प्रति पोस्ट को मेल से भेज दी जाती है। पुलिस कर्मी एफआईआर का प्रिंट शिकायतकर्ता को देते हैं। वर्तमान में प्रदेश में 122 पुलिस थाने हैं। इसके अलावा 108 स्थायी और 32 अस्थायी पुलिस पोस्ट हैं।
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ये हैं रिपोर्टिंग पुलिस पोस्ट के फायदे
ऊना जिले की ग्राम पंचायत छतरपुर के लोगों को शिकायत दर्ज कराने के लिए करीब पंद्रह किलोमीटर दूर पुलिस थाना ऊना जाना पड़ता था। अब पुलिस पोस्ट संतोषगढ़ में खुलने के बाद लोगों को शिकायत दर्ज कराने के लिए महज एक किमी दूर जाना पड़ता है। पुलिस जिला बद्दी के पंझेरा के लोगों को पहले एफआईआर दर्ज कराने के लिए करीब 12 किमी दूर नालागढ़ जाना पड़ता था। अब ढाई किमी दूर पुलिस पोस्ट जोगों में एफआईआर दर्ज हो जाती है।
सभी पुलिस पोस्ट में रिपोर्टिंग की सुविधा शुरू करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार की मुहर और बजट जारी होने के बाद सूबे में शिकायत दर्ज करने में लोगों को काफी आसानी होगी। - संजय कुंडू, डीजीपी