JOA IT Paperleak: मुख्य आरोपी उमा आजाद और संजीव की पुलिस रिमांड बढ़ाई
अदालत ने माना कि इस सारे प्रकरण में मुख्य रूप से आयोग की वरिष्ठ सहायक उमा आजाद और दलाल संजीव कुमार की भूमिका काफी ज्यादा है, इसलिए इन दोनों को पुलिस हिरासत, जबकि चार अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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पैसे लेकर पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में नामजद सभी छह आरोपियों को एसआईटी ने बुधवार को दोबारा हमीरपुर न्यायालय में पेश किया। जहां से दो मुख्य आरोपियों हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की वरिष्ठ सहायक उमा आजाद और दलाल के रूप में काम करने वाले कोचिंग संस्थान संचालक संजीव कुमार को 31 दिसंबर तक पुलिस की रिमांड पर भेज दिया गया। चार अन्य सह आरोपियों को अदालत ने 10 जनवरी तक चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
इससे पूर्व ये सभी छह आरोपी चार दिन की पुलिस रिमांड पर चल रहे थे। बुधवार को एसआईटी ने अदालत में इस मामले में जोरदार पैरवी करते हुए इन सभी आरोपियों का पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग की। एसआईटी ने कहा कि शुरुआत में इनसे केवल जेओए आईटी का प्रश्नपत्र और पांच हजार रुपये ही बरामद हुए थे। लेकिन, अगले ही दिन मुख्य आरोपी उमा आजाद के घर से विजिलेंस ने 7.90 लाख रुपये और दो अन्य परीक्षाओं जूनियर ऑडिटर और कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती के प्रश्नपत्र भी बरामद किए।
एसआईटी ने दावा किया कि अगर इन सभी छह आरोपियों की पुलिस रिमांड बढ़ाई जाती है तो जांच में कई अन्य संदिग्ध लोग भी पकड़ में आ सकते हैं। वहीं, अदालत ने माना कि इस सारे प्रकरण में मुख्य रूप से आयोग की वरिष्ठ सहायक उमा आजाद और दलाल संजीव कुमार की भूमिका काफी ज्यादा है, इसलिए इन दोनों को पुलिस हिरासत, जबकि चार अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब एसआईटी मुख्य आरोपियों से अन्य परीक्षाओं के मामले में भी पूछताछ करेगी।
यह है मामला
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की 25 दिसंबर को पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी की भर्ती परीक्षा प्रस्तावित थी। लेकिन, चयन आयोग की गोपनीय शाखा में वरिष्ठ सहायक उमा आजाद ने ढाई-ढाई लाख रुपये में सौदा कर भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कर दिया। एक अभ्यर्थी ने 23 दिसंबर को हमीरपुर विजिलेंस थाने में इसकी शिकायत की। इसके बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर इस गोरखधंधे का पर्दाफाश किया।
विजिलेंस टीम ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद के घर पर दबिश देकर महिला कर्मचारी, उसके बेटे निखिल आजाद, घर पर काम करने वाले नौकर नीरज कुमार, दलाल संजीव कुमार और दो अभ्यर्थियों तनु शर्मा और अजय शर्मा को जेओए आईटी का पेपर लीक करने के मामले में गिरफ्तार किया है। आयोग ने इस परीक्षा के लिए एक लाख तीन हजार अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी किए थे। प्रदेश के सभी 12 जिलों समेत 41 उपमंडलों पर 476 परीक्षा केंद्र स्थापित किए थे।