दिल की बीमारी से हारे, अब लोगों के दिल में बसे रहेंगे जिया लाल
दिल की बीमारी से बेशक जिया लाल पटियाल हार गए लेकिन वे सबके लिए मिसाल बन गए हैं। अब लोगों के दिल में बसते हैं। मौत से पहले सोलन के जिया लाल ने देह दान कर दी। जिया लाल दस मई को आईजीएमसी में भर्ती हुए थे।
31 मई को ये जिंदगी से जंग हार गए। मौत से पहले इन्होंने देह दान की इच्छा जाहिर की, इस पर परिजनों ने भी हामी भर दी। तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं। एक जून को इनकी देह ऐनोटॉमी विभाग के सुपुर्द कर दी गई।
ऐनोटॉमी विभाग को सौंपी बॉडी
इससे पहले पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. साद रिजवी ने बताया कि खीन बड़सन के रहने वाले जियालाल पटियाल (59) की देह को पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के बाद आईजीएमसी के सुपुर्द किया।
उन्होंने बताया कि बॉडी को ऐनोटॉमी विभाग को सौंपा गया है। आईजीएमसी में स्वेच्छा से देह दान करने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले भी एक व्यक्ति ने अपनी देह दान की थी।