शादी के सीजन में भी सराफा बाजार में सन्नाटा, 80 फीसदी गिरा कारोबार
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500 और 1000 के नोट पर लगी रोक के बाद शिमला के सराफा बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। शादी- विवाह की खरीदारी के लिए गिने चुने लोग पहुंचे, लेकिन वे भी मायूस होकर लौट गए। भुगतान के लिए 100 रुपये के नोट न होने के कारण खरीदारी नहीं कर सके।
कारोबारी साफ कह रहे हैं कि 500 और 1000 के नोट नहीं लेंगे। चैक या डेबिट कार्ड से ही भुगतान कीजिए तभी बात बनेगी। कारोबारियों का कहना है कि भले ही यह फैसला पूरे देश के हित में है लेकिन यह कारोबार को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि एक ही दिन में कारोबार 70 से 80 फीसदी तक प्रभावित हुआ है। जिले भर से बागवान और किसान लोग शिमला में सोना और चांदी खरीदने पहुंचते हैं। सेब सीजन से कमाए गए पैसों से खरीदारी करते हैं।
सोने का भाव दो दिन में 5 हजार चढ़ा
एक ही दिन में सोने के भाव चार हजार रुपये तक बढ़ गए हैं। बीते रोज जहां सोना 29 हजार 700 तोला था। मंगलवार को बढ़कर 34 हजार रुपये प्रति तोला हो गया है। यह भी एक कारण है कि सराफा बाजार में ग्राहकों की भीड़ देखने को नहीं मिली।
बुरी तरह से प्रभावित हुआ कारोबार : शैलेंद्र
ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और सत्या ज्वैलर्स के मालिक शैलेंद्र वर्मा का कहना है कि 500 और 1000 के नोट बंद हो जाने के बाद सराफा बाजार फिलहाल मंदा पड़ गया है। अपने साथ पांच सौ और एक हजार का कैश लाए ग्राहकों को खाली हाथ लौटाना पड़ रहा है।
कारोबार हुआ जीरो, चैक से ले रहे हैं भुगतान
कारोबार हुआ जीरो : अतुल टांगरी
टांगरी ज्वैलर्स के मालिक और ज्वैलर्स एसोसिएशन के सचिव अतुल टांगरी का कहना है कि कारोबार एक तरह से जीरो ही हो गया है। 500 और 1000 के नोटों वाले ग्राहकों को वापस भेजना पड़ रहा है।
चैक से ले रहे हैं भुगतान : गोपाल
हंस ज्वैलर्स के मालिक गोपाल कृष्ण का कहना है कि मंगलवार को दुकान बंद करने तक पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट ग्राहकों से बतौर भुगतान स्वीकार किए गए। लेकिन सुबह से भुगतान केवल चैक से ही ली जा रही है।
पीएम के फैसले का स्वागत : कपिल महाशय
महाशय ज्वैलर्स के मालिक कपिल महाशय का कहना है कि पीएम मोदी के फैसले का स्वागत करते हैं लेकिन कारोबार को तगड़ा झटका भी लगा है। ग्राहक दुकानों में और दिनों की अपेक्षा कम आ रहे हैं।