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जयराम सरकार ने महकमों से मांगा एक साल का एक्शन प्लान
Tue, 04 Jun 2019 10:50 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 04 Jun 2019 10:50 AM IST
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फाइल फोटो
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प्रदेश सरकार ने सभी विभागों से अगले एक साल का एक्शन प्लान मांगा है। इस प्लान में बजट घोषणओं और भाजपा के स्वर्णिम दृष्टिपत्र के वायदों के अलावा नई योजनाएं मांगी गई हैं।
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जून महीने के अंत तक सभी विभागों को प्लान तैयार कर मुख्य सचिव को सौंपने को कहा गया है। इसके बाद इन्हीं प्लान के अनुसार विभाग काम करेंगे और इनकी समीक्षा व निगरानी मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर की जाएगी।
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जयराम सरकार के सत्तासीन होने के बाद शासन ने सभी विभागों से 100 दिन का एक्शन प्लान तैयार करने को कहा था। 100 दिन के बाद छह महीने का प्लान तैयार कर उसके हिसाब से काम किया गया।
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यह मियाद पूरी होने के बाद बीच में लोकसभा चुनाव आ गए जिसके चलते जयराम सरकार का फोकस काम से ज्यादा चुनाव पर हो गया। लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद जयराम सरकार ने अफसरशाही को अब खानापूर्ति के बजाय ठोस जमीनी काम करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
इसी के तहत अब सभी विभागों से एक साल का एक्शन प्लान मांगा गया है। प्लान को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्लान में रुटीन काम को शामिल नहीं किया जा सकेगा। इसमें सिर्फ नए और दृष्टिपत्र व बजट से जुड़े प्रस्तावों को शामिल कर उन्हें लागू करने के तरीके की जानकारी देनी होगी।
मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने बताया कि बजट खर्च करने से ज्यादा इस प्लान में यह देखा जाएगा कि किस प्लान या कार्य से लोगों को कितना फायदा मिलता है। बताया कि कई तरह के मानक तय किए जा रहे हैं जिनके अनुसार कार्यों की निगरानी व समीक्षा वह खुद और मुख्यमंत्री कार्यालय भी करेगा।
इसी के तहत अब सभी विभागों से एक साल का एक्शन प्लान मांगा गया है। प्लान को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्लान में रुटीन काम को शामिल नहीं किया जा सकेगा। इसमें सिर्फ नए और दृष्टिपत्र व बजट से जुड़े प्रस्तावों को शामिल कर उन्हें लागू करने के तरीके की जानकारी देनी होगी।
मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने बताया कि बजट खर्च करने से ज्यादा इस प्लान में यह देखा जाएगा कि किस प्लान या कार्य से लोगों को कितना फायदा मिलता है। बताया कि कई तरह के मानक तय किए जा रहे हैं जिनके अनुसार कार्यों की निगरानी व समीक्षा वह खुद और मुख्यमंत्री कार्यालय भी करेगा।