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International Nurses Day 2021: घर में छोटे बच्चे, बुजुर्ग माता पिता, फिर भी कोरोना से फ्रंट लाइन पर लड़ रहीं नर्सें

Wed, 12 May 2021 04:08 PM IST
अरविन्द ठाकुर रविंद्र सिंह भड़वाल, अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
रविंद्र सिंह भड़वाल, अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 12 May 2021 04:08 PM IST
सार

कोरोना के खिलाफ फ्रंट लाइन पर डटे रहकर लगातार मानवता की रक्षा में जुटी नर्सों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए बुधवार को दुनिया भर में नर्स दिवस मनाया जा रहा है। देश-प्रदेश के तमाम अस्पतालों में सेवाएं देने वाली नर्सें कोरोना काल में भी खुद की जान को जोखिम में डालकर लगातार कोविड मरीजों की देखभाल कर रही हैं। मरीजों के हर सुख-दुख का साथी बनकर उनका लगातार मनोबल बढ़ा रही हैं। इन नर्सों को परिवार भी देखना पड़ रहा है और ड्यूटी भी। इन दोनों जिम्मेदारियों को निभाते हुए कभी इनके चहरे पर कभी थकान नहीं दिख रही। 

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International Nurses Day 2021: story of nurses in regional hospital dharamshala story amid covid
नेहा त्रिवेदी, दीपमाला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना के खिलाफ फ्रंट लाइन पर डटे रहकर लगातार मानवता की रक्षा में जुटी नर्सों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए बुधवार को दुनिया भर में नर्स दिवस मनाया जा रहा है। देश-प्रदेश के तमाम अस्पतालों में सेवाएं देने वाली नर्सें कोरोना काल में भी खुद की जान को जोखिम में डालकर लगातार कोविड मरीजों की देखभाल कर रही हैं। मरीजों के हर सुख-दुख का साथी बनकर उनका लगातार मनोबल बढ़ा रही हैं। इन नर्सों को परिवार भी देखना पड़ रहा है और ड्यूटी भी। इन दोनों जिम्मेदारियों को निभाते हुए इनके चेहरे पर कभी थकान नहीं दिख रही। 

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पति कोरोना पॉजिटिव, फिर भी ड्यूटी पर डटी हैं धर्मशाला की नेहा
क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में सेवारत घरोह की नेहा त्रिवेदी तमाम मुश्किलों के बावजूद कोरोना के खिलाफ लड़ाई में डटी हुई हैं। स्टाफ नर्स नेहा का एक तीन साल का बेटा और दस साल की बेटी है। इसके अलावा इसी रविवार को उनके पति भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। ऐसे में ड्यूटी के बाद नेहा धर्मशाला अस्पताल में उपचाराधीन पति की देखभाल भी कर रही हैं। इसके अलावा घर पर बुजुर्ग सास-सुसर का भी ध्यान रखना है।
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इन तमाम उलझनों के बावजूद उनके चेहरे पर थकान की एक शिकन नहीं देखी जा सकती। नेहा बताती हैं कि उनके पति कोरोना संक्रमित होने के बाद से वह उनके लिए चिंतित हैं। घर में बुजुर्ग सास-सुसर हैं। छोटे-छोटे बच्चे भी फिलहाल वही संभाल रहे हैं। ऊपर से कोरोना वार्ड में ड्यूटी के बाद आइसोलेशन के दौरान भी उन्हें घर वालों से दूर रहना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इन तमाम उलझनों के बावजूद वह अपना हर दायित्व निभा रही हैं। 
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पांच वर्षीय बेटी, बुजुर्ग मां सहित परिवार भी संभाल रही दीपमाला
क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में स्टाफ नर्स के तौर पर सेवाएं देने वालीं दीपमाला 18 दिसंबर 2020 को कोरोना संक्रमित हो गईं। कामकाजी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद कभी हिम्मत नहीं हारी। खुद आइसोलेशन में रहीं, इसके अलावा घर में पांच वर्षीय बेटी और बजुर्ग मां का भी ध्यान रखा। 30 दिसंबर तक पूरी तरह से स्वस्थ होकर कुछ समय मानसिक तौर पर तैयार होकर 15 जनवरी को फिर से ड्यूटी ज्वाइन कर ली।

इतना ही नहीं, बुलंद हौसले से न केवल खुद कोरोना को मात दी, बल्कि 17 अप्रैल से कोरोना वार्ड में ड्यूटी लगाकर और कई लोगों की देखभाल के लिए लगातार डटी हुई हैं। कोरोना वॉरियर दीपमाला ने बताया कि कोरोना संक्रमित होने के बाद परिवार की चिंता ने जरूर सताया, लेकिन स्वस्थ होकर ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद एक खास तरह का सुकून महसूस किया।

आज भी कई बार बेटी, बुजुर्ग मां समेत अन्य परिजनों की चिंता सताती है, लेकिन यह वक्त भी ऐसा है कि लोगों की सेवा सबसे जरूरी है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में हमारा कर्त्तव्य भी है कि अपनी जिम्मेदारी को सही ढंग से निभाएं, फिर चाहे इसके लिए हमें अपने परिवार से दूर ही क्यों न रहना पड़े। मेरी लोगों से यही अपील है कि महामारी जिस तरह से लगातार  भयंकर रूप धारण करती जा रही है, सभी सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें। तभी हम अपने आप को इस महामारी से बचा सकते हैं।

शादी के दो माह बाद पॉजिटिव हो गई थी ममता
क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में सेवाएं देने वालीं ममता सैनी की पिछले वर्ष अक्तूबर में शादी हुई थी। उसके दो महीने बाद ही वह कोरोना संक्रमित हो गईं। होम आइसोलेशन में रहकर जैसे ही स्वस्थ हुईं, तो फिर से अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ली। ममता बताती हैं कि एक महिला होने के नाते पिछला कुछ समय उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। अक्तूबर माह में शादी हुई थी। नए घर में एडजस्ट करना था।


उसी दौरान कोरोना के मामले भी काफी बढ़ने लगे। ड्यूटी भी देनी थी और परिवार की सुरक्षा का ख्याल रखते हुए परिजनों से दूर आइसोलेशन में भी रहना पड़ा। इन सबसे मानसिक तनाव तो बढ़ा ही था। शादी के दो महीने बाद ही खुद कोरोना संक्रमित हो गई। संक्रमण से रिकवर किया, तो फिर तुरंत ड्यूटी ज्वाइन कर ली। ममता ने लोगों से अपील की है कि कोरोना संक्रमण से आप खुद को सुरक्षित रखें, क्योंकि आपकी सुरक्षा हम सब के लिए मायने रखती है।

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