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International Kullu Dussehra: शाही अंदाज में निकली भगवान नरसिंह की जलेब
Thu, 06 Oct 2022 06:23 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 06 Oct 2022 06:23 PM IST
सार
गुरुवार को शाही अंदाज में भगवान नरसिंह की जलेब निकली। ढोल-नगाड़ों की थाप पर जलेब में देवताओं के साथ देवलू भी झूमे। जलेब के माध्यम से नरसिंह भगवान ने ढालपुर में रक्षा सूत्र बांधा।
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भगवान नरसिंह की जलेब
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को शाही अंदाज में भगवान नरसिंह की जलेब निकली। ढोल-नगाड़ों की थाप पर जलेब में देवताओं के साथ देवलू भी झूमे। जलेब के माध्यम से नरसिंह भगवान ने ढालपुर में रक्षा सूत्र बांधा। भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह भी पालकी में सवार हुए। शाम 4:30 बजे के बाद निकली भव्य जलेब लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। जलेब में महाराजा कोठी के सात देवताओं ने हिस्सा लिया।
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शाम करीब 4:00 बजे राजा की चानणी के पास महाराजा कोठी के देवताओं के आने का सिलसिला हुआ। करीब 4:30 बजे जलेब शुरू हो गई। जलेब में सबसे आगे नरसिंह भगवान की घोड़ी सज-धजकर चली। इसके पीछे जलेब का लाव लश्कर चला। जलेब राजा की चानणी से कुल्लू अस्पताल की सड़क से होते हुए पुराने स्टेट बैंक पार्क, कलाकेंद्र के पीछे, ढालपुर चौक होकर वापस राजा की चानणी के पास पहुंची।
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जलेब में महाराजा कोठी के आराध्य देवता जमदग्नि ऋषि, खल्याणी के देवता ब्राधी वीर, जोंगा के हुरगू काली नारायण, देवता महावीर, कमांद के देवता वीरकैला, लोट के गढ़पति वीरकैला ने भी शोभा बढ़ाई। फूलों से सजे यह सभी देवता राजा की पालकी के साथ चले। मान्यता है कि भगवान नरसिंह जलेब के माध्यम से इस क्षेत्र में कार बांधते हैं। भगवान नरसिंह की जलेब जहां से भी गुजरी, अस्थायी शिविरों में बैठे हुए देवताओं ने भी शेष फूल दिए। जलेब में हर दिन अलग-अलग क्षेत्रों के देवता शामिल होंगे। दशहरा में आए हुए लोगों ने जलेब के नजारे को अपने कैमरों में रिकॉर्ड भी किया।