{"_id":"5f3177ba4159e738080fc74d","slug":"interest-will-not-be-given-on-gpf-deposited-without-the-permission-of-the-head-of-department","type":"story","status":"publish","title_hn":"विभागाध्यक्ष की अनुमति बिना जमा हुए जीपीएफ पर नहीं मिलेगा ब्याज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विभागाध्यक्ष की अनुमति बिना जमा हुए जीपीएफ पर नहीं मिलेगा ब्याज
Tue, 11 Aug 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 11 Aug 2020 05:00 AM IST
विज्ञापन
हिमाचल सरकार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेवानिवृत्ति के बाद विभागाध्यक्ष की अनुमति के बिना जीपीएफ जमा करवाने वाले कर्मचारी को ब्याज का लाभ नहीं मिलेगा। हिमाचल प्रदेश वित्त विभाग ने इस बाबत सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग के अनुसार निर्धारित अवधि से अधिक समय के लिए जीपीएफ जमा करवाने के मामले में महालेखाकार कार्यालय के साथ हुई बैठक में स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। इस बारे में सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों और पेंशनरों को भी अवगत करवाने को कहा गया है।
विज्ञापन
प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को प्रधान सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने चिट्ठी भेजते हुए कहा है कि प्रदेश के कर्मचारी महालेखाकार कार्यालय से संपर्क कर रहे हैं कि उनके जीपीएफ को अनुमति तिथि के बाद भी जमा किया जाए। इसके लिए वह विभागाध्यक्षों से अनुमति नहीं ले रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी अगर जीपीएफ को निर्धारित छह महीने की अवधि से अधिक समय तक जमा करना चाहते हैं तो उन्हें अनुमति दी जा सकती है, पर इसके लिए विभागाध्यक्ष की पूर्व अनुमति लेनी होगी। यह अनुमति लिखित में लेनी होगी। उन्होंने पत्र में कहा है कि इस मामले में वित्त विभाग की ओर से समय-समय पर जारी निर्देशों पर अमल नहीं हो रहा है। पत्र में प्रधान सचिव वित्त ने साफ किया है कि यदि कर्मचारी विभागाध्यक्ष की अनुमति नहीं लेते हैं तो उन्हें जीपीएफ जमा करने पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा।
विज्ञापन