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फर्जी शिक्षण संस्थानों की आई शामत, चलेगा ये खास अभियान
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 18 Nov 2016 11:12 AM IST
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प्रदेश में जगह-जगह खुले फर्जी शिक्षण संस्थानों को जांचने और उन पर शिकंजा कसने को राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने जिलों का रुख करने का फैसला लिया है। 21 नवंबर से जिला प्रशासन के साथ मिलकर आयोग प्रदेश में एक विशेष अभियान चलाएगा। इस दौरान लंबित मामलों को जिलावार निपटाने के लिए विशेष कोर्ट लगाकर मामले मौके पर ही निपटाए जाएंगे।
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राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने प्रदेश को चार जोन में बांटा है। निजी शिक्षण संस्थानों की मनमानी रोकने के लिए आयोग के सदस्य सुनील शर्मा ने विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया है। विशेष अभियान के तहत जिला प्रशासन और पुलिस को फर्जी संस्थानों पर की जाने वाली कार्रवाई के नियमों की जानकारी दी जाएगी। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी भाग लेंगे।
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आयोग ने सभी जिला उपायुक्तों को बैठक का शेड्यूल जारी कर दिया है। ऊना और हमीरपुर जिला प्रशासन के साथ 21 नवंबर को हमीरपुर उपायुक्त कार्यालय में बैठक का आयोजन होगा। कांगड़ा और चंबा जिला प्रशासन के साथ बैठक 23 नवंबर को धर्मशाला उपायुक्त कार्यालय में होगी। मंडी, बिलासपुर, कुल्लू और लाहुल स्पीति जिला की बैठक 25 नवंबर को मंडी जिला उपायुक्त कार्यालय में होगी। 29 नवंबर को शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर जिला प्रशासन के साथ बैठक उपायुक्त कार्यालय सोलन में होगी।
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आयोग के पास अधिक फीस वसूली, बिना मान्यता के चल रहे संस्थानों, ऐडमिशन के समय में छात्रों को झूठी जानकारी देने के मामलों की अधिक शिकायतें आती है। जिला स्तर पर होने वाली शिकायतों को प्रशासन नियमों की पूरी जानकारी नहीं होने के चलते आयोग को भेज देता है। आयोग में इन मामलों को निपटाने में अधिक समय लग जाता है। ऐसे में शिकायतकर्ता को न्याय पाने में काफी समय लगता है। ऐसे में अब इस तरह की समस्याओं को दूर करने के लिए राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने जिलों का रुख करने का फैसला लिया है।