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कोर्ट का बड़ा फैसला, पेंशन नहीं दी तो जब्त करो स्कूल की संपत्ति

Wed, 28 Dec 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डमटाल/इंदौरा (कांगड़ा)
ब्यूरो/अमर उजाला, डमटाल/इंदौरा (कांगड़ा) Updated Wed, 28 Dec 2016 12:00 AM IST
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Indora Court Decisions on Teachers Pension Case at Kangra.

शिक्षक को पेंशन न देने पर हिमाचल के प्रथम श्रेणी इंदौरा कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायाधीश निरंजन सिंह की अदालत ने मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग की इंदौरा स्थित संपत्ति को अटैच करने के आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा है कि 23 मार्च 2017 तक याचिकाकर्ता को सभी पेंशन लाभ न दिए तो संपत्ति को नीलाम कर दिया जाएगा।

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अधिवक्ता सौरव शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारी एवं राजकीय उच्च पाठशाला इंदौरा से सेवानिवृत्त अध्यापक देसराज को पेंशन अदा न करने पर आदेशों की अवमानना के मामले में संपत्ति को कब्जे में लेने के आदेश पारित किए हैं।
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देसराज ने वर्ष 1943 से 1971 तक इंदौरा स्कूल में सेवाएं दीं, जो उस वक्त कमेटी के अधीन था। वर्ष 1971 के बाद यह स्कूल सरकार के अधीन हो गया तो देसराज को यहां बतौर जेबीटी अध्यापक तैनात किया गया। लेकिन उनकी सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें कोई भी पेंशन या अन्य लाभ शिक्षा विभाग ने नहीं दिए।
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देस राज की मौत के बाद उनकी पत्नी ने वर्ष 2010 में पेंशन के लिए इंदौरा अदालत में केस दायर किया। कोर्ट ने 29 मार्च 2012 को शिक्षा विभाग को देस राज की पेंशन लगाने के आदेश जारी किए।

कोर्ट ने आदेश में कहा था कि वर्ष 1975 से 1985 तक देस राज को पूरा पेंशन लाभ और भत्ते दिए जाएं और 1985 से प्रार्थी देस राज की पत्नी जयवंती देवी को पारिवारिक पेंशन दी जाए। बावजूद इसके विभाग ने पेंशन रिलीज नहीं की। इस बीच पेंशन के इंतजार में देस राज की पत्नी जयवंती देवी वर्ष 2012 में स्वर्ग सिधार गईं।

बेटे ने जारी रखी माता-पिता के हक की लड़ाई

Indora Court Decisions on Teachers Pension Case at Kangra.

देस राज और उनकी पत्नी जयवंती देवी की मौत के बाद बेटे मास्टर कुसुम कुमार ने  माता-पिता के हक को पाने के लिए कोर्ट के माध्यम से निरंतर लड़ाई जारी रखी। कुसुम ने वर्ष 2014 में इंदौरा अदालत के वर्ष 2012 के फैसले की तामील करवाने के लिए पुन: अदालत में शरण ली।

कोर्ट में इस केस के दौरान 6 अप्रैल 2015 को इंदौरा स्कूल की प्रिंसिपल प्रभाती देवी ने बयान दर्ज करवाए कि विभाग शीघ्र ही 2012 के फैसले के अनुसार पेंशन लाभ दे देगा। लेकिन इसके बाद भी देस राज के परिवार को कोई भी पेंशन लाभ न देकर सेशन कोर्ट के समक्ष अपील कर दी। 24 सितंबर को इंदौरा में सेशन अदालत में न्यायाधीश जीएस बाली ने स्कूल शिक्षा विभाग की अपील को खारिज कर दिया।

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