तो टूट जाएगी भारत तिब्बत को जोड़ने वाली जीवन रेखा
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राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच किन्नौर जिला और स्पीति वैली के लिए एक जीवन रेखा ही नहीं, बल्कि भारत चीन सीमांत क्षेत्र को जोड़ने वाला एकमात्र सामरिक महत्व का राष्ट्रीय उच्च मार्ग है।
टापरी और चोलिंग के बीच उरनी ढांक में पिछले वर्ष मई माह से लगातार भूस्खलन होने से मार्ग बंद पड़ा है। हालांकि लोनिवि ने अस्थाई रूप से सतलुज नदी पर कलवर्ट बना कर यातायात बहाल कर लोगों को सुविधा दी है, लेकिन यह मार्ग भी जलस्तर बढ़ने पर कभी भी बंद हो सकता है।
इसी तरह कल्पा खंड के पूवर्नी झूले के पास तीन वर्षों से लगातार भूस्खलन होने से रिकांगपिओ से पूह और शिमला की ओर यातायात खतरों से भरा हुआ है। केंद्र, राज्य सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन उच्च मार्ग को सुचारु रूप से यातायात के लिए बहाल करने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने में नाकामयाब साबित हो रहा है।
सरकार और प्रशासन केवल अस्थाई व्यवस्था कर समस्या को हल करने की कोशिश कर रहा है, बावजूद इसके उन्हें पूरी तरह से सफलता नहीं मिल पा रही है।
दस मिनट का सफर करने में ढाई घंटे
टापरी और चोलिंग के बीच पिछले एक वर्ष से भूस्खलन के कारण लोगों को दस मिनट का सफर करने में ढाई घंटे से भी अधिक समय लग रहा है। वहीं, टापरी से चोलिंग वैकल्पिक ग्रामीण मार्ग की भी हालत दयनीय बनी हुई है।
सर्दियों में भारी बर्फबारी होने से यह मार्ग भी जगह-जगह बंद हो जाता है और अधिक भार वाले वाहनों के लिए भी सड़क सुरक्षित नहीं है।
ऐसे में टापरी वाया चोलिंग ग्रामीण सड़क पर एनएच का ट्रैफिक ज्यादा देर तक नहीं चल पाएगा और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से कहां तक उचित रहेगा। देश की सीमा से सटे चाइना बार्डर तक पहुंचने में सुरक्षा बलों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला के किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने, मरीजों, बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इस मार्ग से गुजरना कठिन हो सकता है।
उरनी-चोलिंग मार्ग को चौड़ा किया जाए
हिम लोक जागृति मंच के संयोजक एवं आईएएस रिटायर्ड आरएस नेगी और हांगरंग वैली संघर्ष समिति अध्यक्ष शांता कुमार नेगी, रमेश नेगी, छेवांग दोर्जे, कड़छम वांगतू संघर्ष समिति अध्यक्ष विनय नेगी, व्यापार मंडल टापरी अध्यक्ष अशोक जितस ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच उरनी के पास जेपी की एडिट 2 से टनल तक 600 मीटर मार्ग को एनएच में बदलने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग की तर्ज पर उरनी चोलिंग मार्ग को चौड़ा करने और पूर्वनी झूले के पास टनल निर्माण किया जाना चाहिए।
ताकि यहां ऊपरी पहाड़ी से लगातार आ रहे शूटिंग स्टोनों से बचा जा सके। इस बारे उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, विस उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी और उपायुक्त किन्नौर से मिलकर समस्या को दूर करने की मांग की है।
क्या कहना है एनएच प्राधिकरण का
नेशनल हाईवे प्राधिकरण के एक्सईएन पासंग नेगी ने कहा कि एनुअल प्लान में सुरंग निर्माण का मुद्दा डाला गया है। मई माह में इस बारे विचार विमर्श होगा। इसके बाद आगे की नीति तैयार की जाएगी।