फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Independence day special story on lord mountbatten

स्वतंत्रता दिवस: 15 अगस्त 1947 को कहां थे वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन

Wed, 16 Aug 2017 12:12 PM IST
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 16 Aug 2017 12:12 PM IST
विज्ञापन
Independence day special story on lord mountbatten

अंग्रेजों के अधीन रहे हमारे देश के आखिरी अंग्रेज शासक वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन 15 अगस्त 1947 को शिमला में थे या फिर दिल्ली में। इस पर हिमाचल में दो दशकों से भ्रम की स्थिति बनी हुई है। 

विज्ञापन


हिमाचल प्रदेश भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से प्रकाशित पुस्तक में वर्ष 1992 से लेकर आज तक यही पढ़ाया जा रहा है कि इस दिन वायसरॉय लॉर्ड माउंटबेटन शिमला के माल रोड पर घूम रहे थे।
विज्ञापन


दूसरी ओर बीबीसी हिंदी के अनुसार इस दिन लार्ड माउंटबेटन ने इंडिया गेट के पास प्रिंसेज गार्डन में एक जनसभा को संबोधित किया था।

राज्य भाषा एवं संस्कृति विभाग शिमला ने वर्ष 1992 में अपनी पुस्तक ‘हिमाचल प्रदेश में स्वतंत्रता संग्राम का संक्षिप्त इतिहास’ पुस्तक प्रकाशित की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पुस्तक को हिमाचल प्रदेश राजकीय मुद्रणालय शिमला में ही छापा गया था। इसकी उस वक्त कुल 7500 प्रतियां प्रकाशित की गईं। 

बीबीसी हिंदी के अनुसार इंडिया गेट के पास जनसभा को किया था संबोधित

Independence day special story on lord mountbatten

इस पुस्तक के पृष्ट 176 के दूसरे पैराग्राफ में उल्लेख है- 15 अगस्त 1947 को अंग्रेज भारत छोड़कर चले गए। भारतवर्ष आजाद हो गया। इस अवसर पर ब्रिटिश शासित पहाड़ी क्षेत्रों जैसे कांगड़ा, कुल्लू, लाहौल स्पीति, ऊना, हमीरपुर, डलहौजी और शिमला में स्वतंत्रता दिवस को बड़ी धूमधाम से मनाया गया।

शिमला में जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान चौधरी दीवान चंद, महामंत्री सालिगराम शर्मा, हरी राम शर्मा, श्याम लाल खन्ना, डॉ. नंदलाल वर्मा, लाला गेंडामल, दीनानाथ आंधी, सालिगराम गुप्ता, विशेषर दयाल, चंद्रवल बालजी, अजायब सिंह ठाकुर, मेला राम सूद, मोहन लाल वकील, आत्माराम कोटखाई आदि नेताओं के साथ हजारों आंदोलनकारियों और जन साधारण ने तिरंगा झंडा लहराया, मिठाइयां बांटीं और ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ विशाल जुलूस निकाला।

भारत के अंतिम ब्रिटिश वायसराय लार्ड माउंटबेटन, उनकी पत्नी और पुत्री इस अवसर पर माल रोड पर स्वतंत्र रूप से घूमते रहे और लोगों ने उनका स्वागत किया। आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने भी शिमला आकर आजादी की खुशियां मनाईं और कौमी गीतों की मस्ती में झूमते रहे।

इस पुस्तक में इस उल्लेख से इसलिए भ्रम की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि बीबीसी हिंदी में ऑनलाइन यह जानकारी उपलब्ध है कि 15 अगस्त, 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन ने अपने दफ्तर में काम किया। दोपहर में नेहरू ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल की सूची सौंपी और बाद में इंडिया गेट के पास प्रिसेंज गार्डेन में एक सभा को संबोधित किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed