Ind vs Aus Test: धर्मशाला में नहीं इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का तीसरा टेस्ट मैच पहली मार्च से पांच मार्च के बीच धर्मशाला में खेला जाना था लेकिन अब यह मैच इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा।
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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गवास्कर टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच अब मध्य प्रदेश के इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा। पहले यह मैच हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) के धर्मशाला स्टेडियम में होना था। इसकी पुष्टि बीसीसीआई ने खुद ट्वीट कर दी है। बीसीसीआई के इस ट्वीट के साथ ही हिमाचल से टेस्ट मैच की मेजबानी छिन गई है। इस मैच के शिफ्ट होने में एचपीसीए प्रबंधन की लापरवाही पूरी तरह से भारी पड़ी है। नौ माह पहले मैदान का ड्रेनेज सिस्टम सेट करने के लिए उखाड़ी गई घास पूरी तरह से तैयार ही नहीं हो पाई, जिसके चलते मैच को शिफ्ट करना पड़ा है। जानकारी के अनुसार धर्मशाला में टेस्ट मैच होने की सूचना करीब डेढ़ वर्ष पहले ही मिल गई थी।
बावजूद इसके एचपीसीए प्रबंधन ने मैदान को उखाड़ दिया और इसे मैच से पहले दुरुस्त करने के लिए काम में कोई तेजी नहीं लाई। अगर तय समय पर मैदान पर घास का बीज डाला होता तो मैदान टेस्ट मैच खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार होता। हालांकि, बीसीसीआई ने बताया है कि हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम के कारण मैदान में घास सही तरीके से नहीं आई है और इसे पूरी तरह से आने में अभी समय लगेगा। इस वजह से यह मैच अब इंदौर में शिफ्ट किया गया है।
ये हैं मेजबानी छिनने के कारण
- धर्मशाला में टेस्ट मैच खेलने की सूचना मिलने के बाद भी मैदान को उखाड़ा
- ड्रेनेज सिस्टम सेट करने के लिए पाइपों को समयबद्ध तरीके से फिट न कर पाना
- मैदान पर बिछाई जाने वाली रेत का तय समय पर न मिल पाना
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के धर्मशाला में प्रवास के दौरान कार्य न हो पाना
- बरसात के मौसम में लगातार बारिश होने के कारण मैदान पर कार्य न हो पाना
- तय समय पर मैदान पर घास के बीज को न डाल पाना
- धर्मशाला में मौसम ठंडा होने के कारण घास को उगने में समय लगना
- मैदान के एक हिस्से पर धूप न आने के कारण घास में दिक्कत आना
ठंडे मौसम के कारण नहीं उग पाई स्टेडियम की घास : परमार
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला से भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला टेस्ट मैच इंदौर शिफ्ट होने पर एचपीसीए ने प्रतिक्रिया दी है। एचपीसीए के सचिव अवनीश परमार ने कहा कि यह बताते हुए खेद हो रहा है कि बॉर्डर-गावस्कर का तीसरा टेस्ट मैच धर्मशाला से इंदौर शिफ्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि ठंडे मौसम के कारण स्टेडियम में घास न उगने के कारण आउटफील्ड तैयार नहीं हो पाई। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय संचालन के लिए आवश्यक मानकों के अभाव के चलते बीसीसीआई को धर्मशाला से टेस्ट मैच इंदौर स्थानांतरित करने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में हम सभी से अनुरोध करते हैं कि हमारे साथ रहें। आने वाले समय में धर्मशाला स्टेडियम सबसे सर्वश्रेष्ठ स्टेडियम होगा।
ट्वीट कर डेविड वार्नर ने की थी धर्मशाला की तारीफ
ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेटर डेविड वार्नर ने अपने इंस्टाग्राम और ट्विटर पर धर्मशाला स्टेडियम की फोटो शेयर कर तारीफ की थी। सीरीज से पहले वार्नर ने ट्विटर पर फोटो पोस्ट कर दर्शकों से पूछा था कि क्या आप इस क्रिकेट स्टेडियम का नाम जानते हैं। इसके अलावा उन्होंने खुशी प्रकट करते हुए लिखा था कि वह इस क्रिकेट स्टेडियम में दोबारा खेलने के लिए काफी उत्सुक हैं। साथ ही उन्होंने क्रिकेट प्रेमियों से धर्मशाला स्टेडियम में होने वाली टेस्ट सीरिज को देखने का भी न्योता दिया था। वार्नर के इस ट्वीट से एचपीसीए स्टेडियम धर्मशाला एक बार फिर सुर्खियों में आया था। वार्नर ने अपने फॉलोअर से क्रिकेट स्टेडियम का नाम तक पूछा था। धर्मशाला स्टेडियम से टेस्ट मैच के शिफ्ट होने से डेविड वार्नर भी मायूस होंगे।
आठ महीने में भी एचपीसीए तैयार नहीं कर पाया मैदान की नई आउटफील्ड
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में नई आउटफील्ड को एचपीसीए आठ महीने में भी तैयार नहीं कर पाया। नतीजा यह हुआ कि भारत और ऑस्टेलिया के बीच होने वाला टेस्ट मैच को धर्मशाला से इंदौर स्टेडियम में शिफ्ट करना पड़ा है। पिछले वर्ष 16 मई 2022 को मैदान में पुरानी आउटफील्ड उखाड़ने का काम शुरू हुआ था। अभी मैदान के 40 फीसदी हिस्से की मिट्टी ही निकाली गई थी कि 16 जून को देश के मुख्य सचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए स्टेडियम के इंडोर प्रैक्टिक्स एरिया को चुना गया। इसमें प्रधानमंत्री मोदी ने आना था। पीएम मोदी के दौरे के चलते पुरानी आउटफील्ड उखाड़ने के काम को करीब तीन सप्ताह तक रोकना पड़ा। वहीं जून के अंतिम सप्ताह में फिर काम शुरू हुआ तो जुलाई में बरसात शुरू होने के करण फिर दो माह के लिए काम बंद करना पड़ा। सितंबर के अंत में फिर काम शुरू हुआ। पहले से आउटफील्ड के कार्य में चली देरी को सुधारने के लिए कार्य में तेजी नहीं आ पाई। एचपीसीए स्टेडियम की आउटफील्ड में नया ड्रेनेज सिस्टम लगाने के साथ नवंबर में आउटफील्ड तैयार कर घास का बीज लगाना था, लेकिन यह भी काम तय समय पर पूरा नहीं हो पाया।
पहले से करीब दो माह पीछे चल रहा काम अब और लेट हो गया। इसी बीच धर्मशाला में टेस्ट मैच की तिथि के साथ अधिकारिक घोषणा होने के बाद भी एचपीसीए आउटफील्ड बना रही कंपनी को जल्दी मैदान तैयार करने की चेतावनी नहीं दी। दिसंबर के अंत में मैदान में घास का बीज डाला गया, लेकिन मैदान के कई हिस्सों में घास पूरी तरह से नहीं उग पाई। इसके चलते बीच-बीच में भी मैदान में घास बीज डालना पड़ा। बावजूद इसके स्केयर और 30 यार्ड में घास कम ही उगी। इसके चलते बीसीसीआई की टीम के चीफ पिच क्यूरेटर ने स्टेडियम का दौरा किया, जिसमें उन्होंने एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम को टेस्ट मैच के लिए अनफिट पाया और यहां पर मैच न करवाने की सिफारिश की। इसके चलते एचपीसीए स्टेडियम धर्मशाला दूसरे टेस्ट मैच की मेजबानी करने से पिछड़ गया। एचपीसीए के सचिव अवनीश परमार ने कहा कि मैदान में नई आउटफील्ड में कुछ कमियों के चलते यहां से टेस्ट मैच को इंदौर स्टेडियम शिफ्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि जो कमियां रहे गई हैं उन्हें सुधारा जाएगा।