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पहले दिन के तीसरे मिनट में ही कांग्रेस ने साफ कर दी अपनी रणनीति

Tue, 11 Dec 2018 12:44 PM IST
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, धर्मशाला
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, धर्मशाला Updated Tue, 11 Dec 2018 12:44 PM IST
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In the third minute of the first day of himachal assembly Congress cleared its strategy

तपोवन में चल रहे विधानसभा के शीत सत्र के पहले दिन के तीसरे मिनट में ही विपक्ष ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। सोमवार को सत्र शुरू होने के साथ ही नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में जिस तरह कांग्रेसी विधायकों ने पूरी तैयारी से सरकार को घेरा उससे उनका प्रबंधन तो साफ दिखा, लेकिन पहले ही मिनट से शुरू हुए कांग्रेस के हमले से जयराम सरकार के सत्र प्रबंधन की पोल खुल गई।

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सरकार को उम्मीद थी कि विजिलेंस जांच पर लगातार बयान के बाद सत्र शांतिपूर्ण रहेगा। साथ ही 26 दिसंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की चार्जशीट की धार को भी कम करने का अंदाजा लगा रही थी। लेकिन कांग्रेसी खेमे ने सधे हुए तरीके से जयराम सरकार की हर चूक को ही उनके खिलाफ हथियार बना लिया है। 
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दरअसल, सत्र शुरू होने से पहले भाजपाई खेमे की अप्रोच काफी कैजुअल थी।

विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने सदन के सभी सदस्यों से सहयोग की अपील की और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज भी सत्र सामान्य चलने की उम्मीद कर रहे थे। यही वजह है कि सत्र के साथ-साथ सरकार अपने एक साल के जश्न की तैयारी में जुटी थी। रविवार को मुख्यमंत्री ने कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर सोमवार को ही संभावित रैली स्थलों का निरीक्षण किया।

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चार्जशीट पर जांच का बयान बना गले की फांस 

In the third minute of the first day of himachal assembly Congress cleared its strategy

लेकिन विधानसभा का प्रबंधन करने में चूक गए। चाहे भाजपा चार्जशीट की जांच को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयान हो, या फिर सरकारी स्कूलों के बच्चों को दी जाने वाली वर्दी को लेकर शिक्षा और नागरिक आपूर्ति विभाग के बीच हो रही खींचतान का मुद्दा।

 विपक्ष ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में जयराम सरकार के  खिलाफ हर उस फैसले को अपना हथियार बना लिया है जो विवादों में रहा है।
सोमवार को विपक्ष ने मंत्रिमंडल के आउटसोर्स आधार पर भर्ती करने के निर्णय, बिगड़ती कानून व्यवस्था और चार्जशीट की जांच कराने संबंधी बयानों से बदले

की भावना दिखाकर फंसा दिया है। कांग्रेस ने पिछले महीने ही जयराम सरकार के एक साल पर चार्जशीट लाने का एलान किया था। इसके बाद से खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भाजपा चार्जशीट की जांच की बात कह रहे थे।

कुछ समय पहले विजिलेंस ब्यूरो प्रमुख रहे डा. अतुल वर्मा की भाजपा चार्जशीट को लेकर कछुुआ चाल के चलते ही हटाए जाने की चर्चा थी। लेकिन अब सरकार के किसी एक्शन से पहले ही कांग्रेस ने जिस तरह कांग्रेस ने विजिलेंस की चार्जशीट जांच को लेकर हमला किया है उससे अब सरकारी खेमा ही हैरान है।

जहां एक ओर मुख्यमंत्री के चार्जशीट की जांच को लेकर दिए बयान के बाद उम्मीद की जा रही थी कि कांग्रेस 27 दिसंबर को धर्मशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में होने वाले जश्न से पहले शांत रहेगी। लेकिन अब मुकेश ने ही चार्जशीट पर बयान को लेकर सीधे मुख्यमंत्री को जिस तरह घेरा उससे उनका दांव उल्टा पड़ता दिख रहा है।

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