राजधानी में पानी हुआ महंगा, बिल 35 फीसदी बढ़ा
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राजधानी शिमला में पानी के बिल में 35 फीसदी बढ़ोतरी हो गई है। एमसी ने पानी बिल पर लगने वाले सीवरेज सेस को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया है।
5 मई से जारी हो रहे अक्तूबर 2014 से मार्च 2015 तक के पानी बिलों में 50 प्रतिशत सीवरेज सेस जोड़ा जा रहा है।
उपभोक्ताओं को अब पानी बिल की आधी राशि का सीवरेज सेस चुकाना होगा।
अक्तूबर 2014 से मार्च 2015 तक के पानी बिल अब प्रतिमाह 209 रुपये प्रतिमाह की जगह 273 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से भेजे जा रहे हैं। साल 2014 में पानी का बिल एकमुश्त जमा करवाने वाले उपभोक्ताओं को आने वाले समय में भेजे जाने वाले बिलों में एरियर की राशि जोड़कर दी जाएगी। एमसी क्षेत्र में कुल 28 हजार पानी के कनेक्शन हैं।
इनमें 21 हजार कनेक्शन घरेलू और 7500 पानी कनेक्शन कामर्शियल तथा कंस्ट्रक्शन के हैं। सीवरेस सेस बढ़ने से राजधानी के 28 हजार परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
एकमुश्त बिल देने पर लेंगे 35 फीसदी सेस
घरेलू उपभोक्ताओं को नगर निगम अप्रैल और मई महीने में पानी बिल फ्लैट रेट के आधार पर देगा। जून महीने से मीटर रीडिंग शुरू होगी। 31 मई तक उपभोक्ताओं को अपने खराब पानी के मीटर बदलने होंगे।
अप्रैल और मई महीने में पानी बिल 375 रुपये चुकाना होगा। वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए राज्य सरकार ने फ्लैट बिल की राशि 250 रुपये तय की है।
250 रुपये का 50 प्रतिशत यानी 125 रुपये उपभोक्ताओं को सीवरेज सेस चुकाना पड़ेगा। कुल मिलाकर अप्रैल और मई महीने में उपभोक्ताओं को 375 रुपये प्रतिमाह पानी बिल चुकाना होगा।
साल 2014 के दौरान एक साल का पानी बिल एकसाथ जमा करवाने वाले उपभोक्ताओं ने सीवरेज सेस 15 प्रतिशत के हिसाब से जमा करवाया है। इन उपभोक्ताओं से नगर निगम अब 35 प्रतिशत शेष सीवरेज सेस वसूलेगा। इसके अलावा अक्तूबर 2014 से पहले छह महीने का पानी बिल जमा करवाने वाले उपभोक्ताओं से भी 35 प्रतिशत एरियर वसूला जाएगा।
गुपचुप तरीके से बढ़ाई दरें
नगर निगम प्रशासन ने सीवरेज सेस 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत गुपचुप तरीके से लागू किया है। 5 मई से नगर निगम ने वार्ड वाइज पानी के बिल जारी करना शुरू किए। चार मई तक प्रशासन सीवरेज सेस को 15 प्र्रतिशत ही बताता आया है।
मीडिया को भी नगर निगम ने सही जानकारी नहीं दी। अफसर बताते हैं कि बिल जारी करने तक सीवरेज सेस को 50 प्रतिशत करने की सूचना सार्वजनिक करने पर सख्त मनाही थी।
लेकिन मामला मीडिया में आ जाता तो लोगों ने इसका विरोध करना था। बिल जारी करने से पहले प्रतिमाह 209 रुपये के हिसाब से ही पानी बिल देने का बात कहते आए।
नगर निगम के आयुक्त पंकज राय ने कहा कि राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार ही सीवरेज सेस 50 प्रतिशत किया है। अक्तूबर 2014 से पानी बिल भेजने शुरू किए हैं।