IMA POP 2021: पिता, चाचा और नाना के बाद अंशुमन भी बने सैन्य अफसर
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हमीरपुर जिले के बड़ा कस्बा के साथ लगते गांव लाहड़ के 22 वर्षीय अंशुमन शनिवार को इंडियन मिलिट्री एकेडमी देहरादून में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद से नवाजे गए। सेना के अधिकारियों ने आईटीबीपी में अफसर पिता मनजीत राय और माता बेबी की मौजूदगी में पासिंग आउट परेड के बाद स्टार लगाकर लेफ्टिनेंट के पद से अंशुमन को नवाजा। अंशुमन के दादा डॉक्टर जसवंत राय ने कहा कि अंशुमन बचपन से ही होनहार है।
उसकी प्रारंभिक शिक्षा क्षेत्र के निजी स्कूल में शुरू हुई। उसके बाद छठी कक्षा में अंशुमन का चयन सैनिक स्कूल सुजानपुर में हुआ। वहीं पर उसने बारहवीं कक्षा तक शिक्षा ग्रहण की। उसके बाद दिसंबर 2018 में उसका चयन एनडीए में हो गया। फिर उसने तीन वर्षों तक खड़कवासला, महाराष्ट्र में नेशनल डिफेंस एकेडमी में प्रशिक्षण लिया। तीन वर्षों के उपरांत एक वर्ष तक इंडियन मिलिट्री एकेडमी देहरादून में प्रशिक्षण किया। अंशुमन के माता -पिता ने कहा कि बेटे का घर पहुंचने पर स्वागत कार्यक्रम 13 दिसंबर को रखा गया है।
अंशुमन की छोटी बहन अंशिका का भी हाल ही में डेंटल डॉक्टर की पढ़ाई के लिए चयन हुआ है। अंशुमन के चाचा सुरजीत राय भी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर तैनात हैं। नाना भी सेना अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त हुए हैं। वहीं अंशुमन ने कहा कि पिता, चाचा तथा नाना भी सेना में अधिकारी हैं। उन्हीं से प्रेरित होकर इस बारे में सोचना शुरू किया था। आज मैं इस मुकाम पर पहुंचा हूं तो इसका श्रेय माता -पिता, दादा -दादी तथा गुरुजनों को जाता है।
लेफ्टिनेंट बना लाडला, फूले नहीं समा रहे माता-पिता
रकड़ियाल गांव के स्वप्निल रांगड़ा भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में रेगुलर 149 बैच से पासआउट होकर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुए हैं। इस परेड के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद रहे। स्वप्निल भारतीय सेना की ब्रिगेड ऑफ गार्ड्स की गार्ड तीन में अपनी सेवाएं देंगे। इसे मकेनाइज्ड इनफेंटरी में राजपूताना राइफल के नाम से भी जाना जाता है।
स्वप्निल स्वतंत्रता संग्राम में ओबीआई अवार्ड से सम्मानित सूबेदार सरवण सिंह की चौथी पीढ़ी के रूप में भारतीय सेना में परिवार का प्रतिनिधित्व कर देश सेवा करेंगे। उनके पिता रजनीश रांगड़ा वर्तमान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौरी में बतौर प्रधानाचार्य और माता रेखा रांगड़ा रंगस में प्रवक्ता हैं। उन्होंने बताया कि स्वप्निल बचपन से ही बहुत मेधावी रहा है। उसकी प्राइमरी शिक्षा हिम अकादमी और शेष सैनिक स्कूल सुजानपुर से हुई है।
उनका चयन 2018 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़कवासला में हुआ था। उन्होंने कहा कि यह समस्त रांगड़ा परिवार के लिए गौरवान्वित पल हैं। इसका श्रेय स्वप्निल की अथक मेहनत को जाता है। स्वप्निल ने इस कामयाबी का श्रेय सैनिक स्कूल के अध्यापकों, माता-पिता के मार्गदर्शन और अपने स्वर्गीय दादा, दादी और नाना धर्म सिंह ठाकुर के आशीर्वाद को दिया।