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Hamirpur (Himachal) News: रिलीव होने के 12 दिन बाद भी स्कूल नहीं पहुंची शिक्षक, कारण बताओ नोटिस जारी
Wed, 07 Oct 2026 01:21 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:21 AM IST
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हमीरपुर। शिक्षा खंड बिझड़ी के तहत डेपुटेशन रद्द होने के 12 दिन बाद भी महिला शिक्षक ने अपने मूल स्कूल में ज्वाइन नहीं किया है। डेपुटेशन वाले स्कूल से महिला शिक्षक को 25 सितंबर को रिलीव किया गया था।
विभागीय अधिकारियों की ओर से सूचित किए जाने के बावजूद महिला शिक्षक बिना सूचना 12 दिन से स्कूल में हाजिर नहीं हुई है। मंगलवार को विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जानकारी के अनुसार शिक्षा खंड बिझड़ी के तहत झिरालड़ी स्कूल में डेपुटेशन पर तैनात जेबीटी शिक्षक को 25 सितंबर 2026 को दोपहर बाद उनके मूल संस्थान राजकीय प्राथमिक पाठशाला महारल के लिए रिलीव किया गया था।
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डेपुटेशन समाप्त होने के बाद उन्हें महारल स्कूल में अपनी सेवाएं देनी थीं। विभाग के अनुसार शिक्षक को इस संबंध में सूचित भी किया गया था, लेकिन उन्होंने अभी तक वहां जॉइनिंग नहीं दी।
अब शिक्षक से उच्च अधिकारियों के आदेशों के बावजूद ड्यूटी पर रिपोर्ट न करने और बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित रहने को लेकर जवाब मांगा गया है। नोटिस के जवाब के आधार पर विभागीय स्तर पर आगामी कार्रवाई तय की जाएगी।
डेपुटेशन रद्द करने के थे स्पष्ट आदेश
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से सितंबर माह में जारी आदेशों के तहत बिना शिक्षक अथवा एकल शिक्षक वाले स्कूलों को छोड़कर अन्य संस्थानों में दिए गए डेपुटेशन तत्काल प्रभाव से रद्द करने के निर्देश दिए गए थे। वित्त विभाग और उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत शिक्षकों को उस संस्थान में सेवाएं देने के लिए कहा गया है, जहां से उनका वेतन आहरित हो रहा है। इसी के तहत झिरालड़ी से शिक्षक को महारल भेजा गया था।
नियमितीकरण से ठीक पहले नोटिस मिला
शिक्षक फिलहाल अनुबंध पर सेवाएं दे रही हैं और उनका अनुबंध कार्यकाल भी लगभग पूरा होने वाला है। ऐसे में नियमितीकरण की प्रक्रिया से पहले जारी हुआ कारण बताओ नोटिस अहम है। विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई शिक्षक के जवाब के आधार पर तय होगी।
कोट
शिक्षक को 25 सितंबर को झिरालड़ी स्कूल से उनके मूल संस्थान महारल के लिए रिलीव किया गया है, लेकिन उन्होंने वहां ज्वाइन नहीं किया है। उन्हें इस बारे में सूचित भी किया गया है। मंगलवार को शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है कि वह आदेशों के बावजूद अपने मूल संस्थान में क्यों रिपोर्ट नहीं कर रही हैं। -अमरजीत शर्मा, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, शिक्षा खंड बिझड़ी
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विभागीय अधिकारियों की ओर से सूचित किए जाने के बावजूद महिला शिक्षक बिना सूचना 12 दिन से स्कूल में हाजिर नहीं हुई है। मंगलवार को विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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जानकारी के अनुसार शिक्षा खंड बिझड़ी के तहत झिरालड़ी स्कूल में डेपुटेशन पर तैनात जेबीटी शिक्षक को 25 सितंबर 2026 को दोपहर बाद उनके मूल संस्थान राजकीय प्राथमिक पाठशाला महारल के लिए रिलीव किया गया था।
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डेपुटेशन समाप्त होने के बाद उन्हें महारल स्कूल में अपनी सेवाएं देनी थीं। विभाग के अनुसार शिक्षक को इस संबंध में सूचित भी किया गया था, लेकिन उन्होंने अभी तक वहां जॉइनिंग नहीं दी।
अब शिक्षक से उच्च अधिकारियों के आदेशों के बावजूद ड्यूटी पर रिपोर्ट न करने और बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित रहने को लेकर जवाब मांगा गया है। नोटिस के जवाब के आधार पर विभागीय स्तर पर आगामी कार्रवाई तय की जाएगी।
डेपुटेशन रद्द करने के थे स्पष्ट आदेश
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से सितंबर माह में जारी आदेशों के तहत बिना शिक्षक अथवा एकल शिक्षक वाले स्कूलों को छोड़कर अन्य संस्थानों में दिए गए डेपुटेशन तत्काल प्रभाव से रद्द करने के निर्देश दिए गए थे। वित्त विभाग और उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत शिक्षकों को उस संस्थान में सेवाएं देने के लिए कहा गया है, जहां से उनका वेतन आहरित हो रहा है। इसी के तहत झिरालड़ी से शिक्षक को महारल भेजा गया था।
नियमितीकरण से ठीक पहले नोटिस मिला
शिक्षक फिलहाल अनुबंध पर सेवाएं दे रही हैं और उनका अनुबंध कार्यकाल भी लगभग पूरा होने वाला है। ऐसे में नियमितीकरण की प्रक्रिया से पहले जारी हुआ कारण बताओ नोटिस अहम है। विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई शिक्षक के जवाब के आधार पर तय होगी।
कोट
शिक्षक को 25 सितंबर को झिरालड़ी स्कूल से उनके मूल संस्थान महारल के लिए रिलीव किया गया है, लेकिन उन्होंने वहां ज्वाइन नहीं किया है। उन्हें इस बारे में सूचित भी किया गया है। मंगलवार को शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है कि वह आदेशों के बावजूद अपने मूल संस्थान में क्यों रिपोर्ट नहीं कर रही हैं। -अमरजीत शर्मा, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, शिक्षा खंड बिझड़ी