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कसुम्पटी के बाद अब न्यू शिमला में काट डाले हरे पेड़
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 23 Mar 2016 10:29 AM IST
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न्यू शिमला में डीएवी स्कूल के नजदीक पांच हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चली है।
- फोटो : अमर उजाला
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शिमला शहर में अवैध पेड़ कटान का एक और मामला सामने आया है। न्यू शिमला में डीएवी स्कूल के नजदीक पांच हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चली है। वन महकमे ने शिकायत मिलने बाद मौके पर पहुंच कर कटे पेड़ों को कब्जे में ले लिया है। जिस जमीन से पेड़ काटे गए हैं वह निजी भूमि बताई जा रही है। वन महकमे की टीम संपर्क साधने की कोशिश कर रही है लेकिन अब तक भूमि मालिक सामने नहीं आए हैं।
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प्लॉट मालिक के मिलने के बाद ही वन महकमा डैमेज रिपोर्ट काटेगा। इसके बाद इस मामले पर आगामी कार्रवाई के लिए चालान नगर निगम को भी भेजा जाएगा। शिमला शहर में ऐसे सैकड़ों प्लॉट हैं, जिसमें हरे पेड़ होने की वजह से लोग मकान बनाने से वंचित रह रहे हैं। पेड़ों की वजह से मकान का नक्शा पास नहीं होता लेकिन कुछ लोग चोरी छिपे और ऊपरी आशीर्वाद के चलते हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने से नहीं हिचकते।
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प्लॉट को खाली करने के लिए पेड़ों को हटा देते हैं। वन महकमे की लापरवाही की वजह से ऐसे लोगों के हौसले बढ़ रहे हैं। इस तरह के मामले सामने आने के बाद वन महकमा केवल डैमेज रिपोर्ट काटकर अपनी जिम्मेदारी पूरा कर रहा है। हाल ही में गोरखू लॉज में भी पेड़ काटने का मामले सामने आया था। दो तीन दिन हो- हल्ले के बाद अब तक वन महकमे की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई इसी वजह से अब दूसरे लोगों के भी हौसले बुलंद हो गए हैं और वह भी हरे पेड़ों पर आरी और कुल्हाड़ी चलाने में पीछे नहीं हट रहे।
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जब जुर्माना देना है तो क्यों न काट लिए जाएं पेड़
इस तरह के मामले में अमूमन वन महकमा बेखबर रहता है अगर सूचना आ भी जाए तो जुर्माना लगाकर वन विभाग ड्यूटी पूरी कर लेती है। जुर्माना भर अगर प्लॉट से पेड़ साफ हो जाए तो कौन नहीं चाहेगा कि उसके प्लॉट से पेड़ हट जाएं। अगर प्रशासन की लापरवाही इसी तरह चलती रही तो वह दिन दूर नहीं जब सब इसी राह पर चल पड़ेंगे। अब देखना यह है कि शिमला शहर में एक हफ्ते के भीतर दूसरे पेड़ कटान मामले में विभाग क्या कार्रवाई करता है?