फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   illegal felling of khair tree forest guard suspend in Dadasiba kangra

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल: खैर के अवैध कटान के मामले में वन रक्षक निलंबित

Thu, 06 Oct 2022 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर पुष्पेन्द्र वर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
पुष्पेन्द्र वर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 06 Oct 2022 05:00 AM IST
सार

कांगड़ा निवासी सुरजीत सिंह की ओर से लिखे पत्र के बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कड़ा संज्ञान लिया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि डाडासीबा स्थित रैल वन बीट में खैर के हजारों पेड़ों का अवैध कटान किया जा रहा है।

विज्ञापन
illegal felling of khair tree forest guard suspend in Dadasiba kangra
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जिला कांगड़ा के डाडासीबा में खैर के पेड़ों के अवैध कटान मामले में वन रक्षक को निलंबित किया गया है। यह जानकारी संयुक्त कमेटी ने रिपोर्ट के माध्यम से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को दी है। ट्रिब्यूनल में इस मामले की सुनवाई आगामी 17 अक्तूबर को निर्धारित की गई है। 

विज्ञापन


रिपोर्ट में बताया गया कि देहरा वन खंड में कुल 5,569 खैर के पेड़ों को निजी भूमि से काटने की मंजूरी दी गई है। इनमें 31 मार्च, 2022 तक 1,512 पेड़ काटे जा चुके हैं। पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच के दौरान रैल बीट से 21 पेड़ वन भूमि से काटे गए हैं। वन विभाग ने इसकी एवज में 3.13 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। इसके अतिरिक्त रैल बीट के वन रक्षक को अपने कर्तव्य का निर्वहन करने में कोताही बरतने के लिए निलंबित किया जा चुका है। 
विज्ञापन


कमेटी ने माना है कि पंजाब सीमा के साथ लगने के कारण खैर का अवैध व्यापार हो सकता है। हालांकि, वन विभाग की ओर से इसे रोकने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी अपनी गाड़ियों में गश्त लगाते हैं। साथ लगते घने जंगल की तलाशी के लिए टीम का गठन किया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कांगड़ा निवासी सुरजीत सिंह की ओर से लिखे पत्र के बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कड़ा संज्ञान लिया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि डाडासीबा स्थित रैल वन बीट में खैर के हजारों पेड़ों का अवैध कटान किया जा रहा है। इनका व्यापार दूसरे प्रदेशों में किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के राजस्व को करोड़ों का नुकसान किया जा रहा है। ट्रिब्यूनल ने इन आरोपों की जांच के लिए संयुक्त कमेटी का गठन किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed