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आईआईटी मंडी: अब घर में बिना बैटरी के चलेंगे मोबाइल फोन, कैमरे, लैपटॉप
Fri, 13 May 2022 11:40 AM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 13 May 2022 11:40 AM IST
सार
यह आविष्कार घर या भवन के अंदर इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) के उपयोगों के लिए हुआ है। इस तकनीक के निष्कर्ष अंतरराष्ट्रीय वायरलेस नेटवर्क में प्रकाशित हुए हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अब घर के अंदर मोबाइल फोन, कैमरे और लैपटॉप बिना बैटरी के चलेंगे। कंप्यूटर के मानीटर, सीपीयू, एलईडी लाइटों और अन्य इंटरनेट से जुड़े उपकरणों में भी तारों का झंझट खत्म होगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधार्थियों की नई तकनीक वायरलेस पावरिंग एवं संचार प्रौद्योगिकी से यह संभव होगा। यह आविष्कार घर या भवन के अंदर इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) के उपयोगों के लिए हुआ है। इस तकनीक के निष्कर्ष अंतरराष्ट्रीय वायरलेस नेटवर्क में प्रकाशित हुए हैं।
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आईआईटी के निदेशक लक्ष्मीधर बेहरा के अनुसार आईओटी में स्मार्ट उपकरण फोन, कैमरे, लैपटॉप, विशेष सेंसर, चिप व सॉफ्टवेयर से लैस होंगे। इन्हें अतिरिक्त फीचर की तरह लगाया जा सकेगा। इसके लिए एक खास वायरलेस उपकरण को बिजली के स्विच में लगाना होगा, जो एनर्जी प्रवाह करने का काम करेगा। यह उपकरण एक सीमित क्षेत्र में काम करेंगे, लेकिन इनमें बिजली की निरंतर आवश्यकता रहेगी। शोध कार्य आईआईटी के स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के सहायक प्रो. डॉ. सिद्धार्थ सरमा के मार्गदर्शन में पीएचडी के विद्यार्थी शिवम गुजराल ने किया है।
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इन विकल्पों पर शोध किया
गुजराल ने बताया कि दुनिया भर में दूरस्थ संचार प्रौद्योगिकी को पावर के रिमोट विकल्पों से जोड़ने पर शोध हो रहे हैं। इसमें पावर के दो विकल्पों पर काम किया है। पहला रेडियो फ्रीक्वेंसी एनर्जी हार्वेस्टिंग (आरएफइएच) व दूसरा बैकस्कैटर कम्युनिकेशन है। आरएफईएच में एक डेडिकेटेड ट्रांसमीटर आईओटी डिवाइस को रेडियो तरंगों के माध्यम से एनर्जी देता है। बैकस्कैटर संचार में पहले की तरह रेडियो तरंगों के माध्यम से पावर दी जाती है। यह एक डेडिकेटेड ट्रांसमीटर के साथ होता है। आईओटी उपकरणों को पावर यानी ऊर्जा देने के लिए रिफ्लेक्शन व बैकस्केटर के माध्यम से आसपास उपलब्ध आरएफ सिगनल जैसे कि वाईफाई, सेलफोन सिगनल आदि का लाभ लिया जाता है।
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