आईजीएमसी में इलाज होगा महंगा टेस्ट, स्पेशल वार्ड की दरें बढ़ेंगी
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आईजीएमसी में मरीजों का इलाज महंगा करने की तैयारी है। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को टेस्ट के अलावा स्पेशल वार्ड तक महंगी दरों पर मिलेंगे। अस्पताल प्रबंधन ने दरें बढ़ाने के लिए एजेंडा तैयार कर लिया है।
अब इसे गवर्निंग बॉडी की रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की बैठक में मंजूरी के लिए लाया जाना है। 26 नवंबर सोमवार को आईजीएमसी में आरकेएस की बैठक होगी। इसी बैठक में नई दरों पर मुहर लगेगी। हालांकि मरीजों को कई मामलों में राहत देने की भी तैयारी है।
रोगी कल्याण समिति की नौवीं बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार करेंगे। सुबह साढ़े दस बजे अस्पताल के कमेटी रूम में बैठक होगी। अगर दरें बढ़ती हैं तो मरीजों को नुकसान होगा। बैठक में वित्त वर्ष 2018-19 को लेकर 60 करोड़ रुपये का बजट पेश होना है।
इसके अलावा बैठक में मेंटेनेंस स्कीम, दवाइयां, किताबें, जनरल बैठकों के खर्चे को लेकर बजट रखा जाएगा। बजट में यह भी बताया जाएगा कि सरकार की ओर से दी गई धनराशि से कितना बजट खर्च हुआ, कितना शेष बचा या फिर कितना बजट और चाहिए।
60 करोड़ रुपये का बजट होगा जारी
आरकेएस की बैठक में 60 करोड़ रुपये का बजट रखा जाएगा। इसमें मरीजों की सुविधा को लेकर किए जाने वाले कार्य एवं अन्य खर्चों के बारे में मंत्री और अन्य सदस्यों को अवगत करवाया जाएगा। मरीजों की सुविधा के लिए क्या उचित है आदि फैसले भी लिए जाएंगे। - डॉ. जनकराज, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
पचास फीसदी बढ़ाए गए स्पेशल वार्ड की दरें
गवर्निंग बॉडी की बैठक से पूर्व ईसी की बैठक मेें स्पेशल वार्ड की दरें बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई। इसमें स्पेशल वार्ड की दरों में पचास फीसदी तक बढ़ोतरी की बात कही गई है। वीआईपी रूम का किराया जहां 1500 है उसकी जगह प्रस्तावित नया किराया 2250 और सिंगल रूम 1000 की जगह 2000 में मिलेगा। शेयरिंग कमरों का किराया 500 की जगह 750 किया जाना प्रस्तावित है।
यह दी है सुविधा
अस्पताल में टेस्ट से पहले मरीजों को वेक्यूटेनर ट्यूब एवं सिरिंज लेने के लिए अलग से लाइन में खड़ा होना पड़ता है। दो अलग-अलग लाइनों से मरीजों को छुटकारा दिलाने के लिए प्रबंधन ने टेस्ट करने वाली जगह पर ही यह सामान उपलब्ध करवाने की बात एजेंडे में रखी है, जिससे कि मरीजों को बार बार यहां-वहां न भटकना पड़ा। इसको लेकर दिए जाने वाले पैसे भी टेस्ट लैब में ही जमा किए जाएंगे।