{"_id":"59016bbf4f1c1bbc62c0c23b","slug":"hydro-engineering-college-bilaspur-himachal-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली परियोजनाओं के लिए हिमाचल में तैयार होंगे इंजीनियर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली परियोजनाओं के लिए हिमाचल में तैयार होंगे इंजीनियर
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 27 Apr 2017 09:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला के बंदला में खुलने वाले हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में जल विद्युत क्षेत्र के लिए विशेषज्ञता वाले इंजीनियर तैयार होंगे। कुशल इंजीनियर तैयार करने के लिए प्रदेश सरकार सार्वजनिक उद्यमों एनटीपीसी और एनटीपीसी का भी सहयोग लेगी। प्रदेश के एकमात्र हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग हो सकेगी।
विज्ञापन
सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक आरएस नेगी ने बताया कि कॉलेज में बिजली परियोजनाओं के लिए इंजीनियर तैयार किए जा सकेंगे। उन्होंने कि कॉलेज के शुरू होने से हिमाचल के युवाओं को उनके घर-द्वार पर हाइड्रो इंजीनियरिंग की शिक्षा मिलेगी। साथ ही रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
विज्ञापन
कॉलेज के लिए पर्याप्त भूमि प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा विभाग को 62 बीघा जमीन हस्तांतरित की है। सरकार ने संस्थान निर्माण के लिए 82 करोड़ रुपये देने को भी स्वीकृति दी है। कहा कि हिमाचल प्रदेश एक छोटा पर्वतीय राज्य है। हिमाचल प्रदेश ऊर्जा सरप्लस राज्य है। हिमाचल में 24 हजार मेगावाट जल विद्युत दोहन की क्षमता है।
विज्ञापन
इस क्षेत्र में मौजूद क्षमता का अधिक से अधिक दोहन करने के लिए इसमें सार्वजनिक और निजी उद्यमियों को शामिल किया गया है। विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से अभी तक 10,351 मेगावाट की क्षमता का सफलतापूर्वक दोहन और संचालन किया जा रहा है।