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शिमला के जाखू मंदिर में सैकड़ों वर्ष पुरानी पांडुलिपियां देख सकेंगे श्रद्धालु

Thu, 20 Jun 2019 01:18 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 20 Jun 2019 01:18 PM IST
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Hundreds of years old Manuscripts in Jakhu temple of Shimla
- फोटो : अमर उजाला

हिल्सक्वीन शिमला के जाखू स्थित हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं को अब रामायण काल और सैकड़ों साल पुराने धार्मिक ग्रंथों के इतिहास को बताने वाली पांडुलिपियां नजर आएंगी। अमृतसर के रहने वाले रजनीश खोसला राजभवन में उपायुक्त शिमला को फ्रेम करवाकर तैयार की गईं 40 पांडुलिपियां मंदिर में रखने के लिए सौंपेंगे।

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400 साल पुरानी ये पांडुलिपियां रजनीश के दादा दीवान संत राम ने भारत-पाकिस्तान बंटवारे के वक्त खरीदी थीं। रजनीश इस प्राचीन विरासत को सालों से अपने घर पर ही सुरक्षित रखने का काम कर रहे हैं। राज्यपाल भी उनके इस कार्य की सराहना कर चुके हैं।

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Hundreds of years old Manuscripts in Jakhu temple of Shimla

रजनीश का दावा है कि उनके पास अभी भी ऐसी ही कई पांडुलिपियां उपलब्ध हैं, जिनके रखरखाव को वह कर्मियों को प्रति माह दस हजार वेतन देते हैं। उनका कहना है कि उनके पिता राज कुमार, मां शशि खोसला और भाई अवनीश खोसला सहित पूरा परिवार भी इस विरासत को सहेजने में सहयोग करता है।

हनुमान मंदिर में रखी जाने वाली पांडुलिपियों का उन्होंने विशेषज्ञ से अध्ययन करवाया है। उनकी राय पर ही रामायण काल और धार्मिक ग्रंथों से संबंधित पांडुलिपियां मंदिर में लोगों के देखने के लिए उपलब्ध करवाने का फैसला लिया है। उनकी माता ने उन्हें मंदिर में पांडुलिपियां लगाने को कहा था।

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Hundreds of years old Manuscripts in Jakhu temple of Shimla

रजनीश ने बताया कि कुछ पांडुलिपियां वह श्राइन बोर्ड को भी दे चुके हैं। रजनीश चाहते हैं कि नई पीढ़ी हमारी प्राचीन और धार्मिक ग्रंथों के बारे में इन पांडुलिपियों के माध्यम से जाने। उन्हें मालूम हो कि हमारा इतिहास कितना गौरवमयी है। उनके पास आयुर्वेद उपचार से संबंधित पांडुलिपियां भी उपलब्ध हैं।

अमृतसर निवासी एक व्यक्ति ने पांडुलिपियां भेंट कर मंदिर परिसर में लगाने की इच्छा जताई है। इनमें जो धार्मिक होंगी, उन्हें जाखू हनुमान मंदिर में और शेष को म्यूजियम में रखे जाने की व्यवस्था कर दी जाएगी। - अमित कश्यप, उपायुक्त शिमला 

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